अखिलेश के PDA रथ पर बरसे फूल तो बुलडोजर से हुआ स्वागत, रायबरेली पहुंचने से पहले दिखा सपा का अनोखा अंदाज

अखिलेश के PDA रथ पर बरसे फूल तो बुलडोजर से हुआ स्वागत, रायबरेली पहुंचने से पहले दिखा सपा का अनोखा अंदाज

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा गुरुवार को रायबरेली के लिए रवाना हुई तो रास्ते में जगह-जगह पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। लेकिन कन्नावा के पास स्वागत का एक दृश्य खास तौर पर चर्चा में आ गया। यहां तीन बुलडोजर खड़े किए गए थे, जिनसे अखिलेश यादव के PDA रथ पर फूल बरसाए गए। बुलडोजर से पुष्पवर्षा का वीडियो भी सामने आया है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुलडोजर लंबे समय से एक चर्चित राजनीतिक प्रतीक रहा है। ऐसे में समाजवादी पार्टी की रथयात्रा के दौरान इसी बुलडोजर का इस्तेमाल स्वागत के लिए किया जाना राजनीतिक तौर पर भी ध्यान खींच रहा है। अखिलेश यादव रायबरेली में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और हरचंदपुर के सपा विधायक राहुल लोधी के घर भी जाएंगे।

कन्नावा में तीन बुलडोजर, रथ पहुंचते ही हुई पुष्पवर्षा

अखिलेश यादव के PDA रथ के रायबरेली पहुंचने से पहले ही रास्ते में सपा कार्यकर्ताओं ने कई जगह स्वागत की तैयारी की थी। कन्नावा के पास बने एक स्वागत स्थल पर बाकी जगहों से अलग व्यवस्था दिखाई दी।

यहां तीन बुलडोजर लगाए गए थे। जैसे ही अखिलेश यादव का रथ वहां पहुंचा, मशीनों के जरिए ऊपर से फूल बरसाए गए। कुछ ही देर में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आ गया।

इस स्वागत ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि बुलडोजर उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों से एक प्रमुख राजनीतिक प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल होता रहा है। इस बार उसी प्रतीक का इस्तेमाल अखिलेश यादव के स्वागत में किया गया।

अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर अपनी यात्रा से जुड़ा संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “हमारे रंग बढ़ रहे हैं, इसीलिए भाजपा के रंग उड़ रहे हैं।”

17 सितंबर के विवाद के बाद रायबरेली पहुंचे अखिलेश

अखिलेश यादव का यह रायबरेली दौरा अचानक तय हुआ कार्यक्रम नहीं है। इसकी पृष्ठभूमि में 17 सितंबर को फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में हुआ विवाद है।

कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और ABVP से जुड़े छात्रों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भी आमना-सामना होने की बात सामने आई।

समाजवादी पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। पार्टी की ओर से इस घटनाक्रम को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। इसके बाद अखिलेश यादव ने रायबरेली आने और PDA रथयात्रा शुरू करने की घोषणा की थी।

इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों को तेज किया है। अखिलेश यादव का दौरा इसी विवाद के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे संपर्क के तौर पर भी देखा जा रहा है।

राहुल लोधी के घर जाएंगे अखिलेश, करीब साढ़े तीन घंटे रुकने की चर्चा

रायबरेली पहुंचने के बाद अखिलेश यादव हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पर भी जाएंगे। रिपोर्टों के मुताबिक, वह वहां करीब साढ़े तीन घंटे रुक सकते हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।

कॉलेज विवाद के बाद राहुल लोधी का नाम भी चर्चा में आया था। आरोप लगाया गया था कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की। समाजवादी पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से उठाया था।

अखिलेश यादव ने उस घटनाक्रम को लोधी समाज के अपमान से जोड़ते हुए रायबरेली जाने का फैसला किया था। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों पर अलग पक्ष भी सामने आया है।

इसलिए अखिलेश का राहुल लोधी के घर जाना सिर्फ एक राजनीतिक मुलाकात नहीं, बल्कि हालिया विवाद के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच संदेश देने वाली यात्रा के तौर पर भी देखा जा रहा है।

2027 की तैयारी से जोड़ी जा रही PDA रथयात्रा

अखिलेश यादव की इस यात्रा को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी लगातार PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के बीच संगठन और राजनीतिक संपर्क मजबूत करने की बात करती रही है।

रायबरेली को इस यात्रा के लिए चुना जाना भी राजनीतिक रूप से चर्चा में है। यह क्षेत्र कांग्रेस की राजनीति से लंबे समय से जुड़ा रहा है। रायबरेली लोकसभा सीट से राहुल गांधी सांसद हैं।

इसी बीच 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे की चर्चा भी राजनीतिक हलकों में होती रही है। ऐसे में रायबरेली से PDA रथयात्रा की शुरुआत का राजनीतिक महत्व अलग-अलग तरीके से देखा जा सकता है।

2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने राज्य में अकेले चुनाव लड़ा था। रायबरेली जिले की पांच विधानसभा सीटों में से पार्टी ने चार पर जीत दर्ज की थी।

फिलहाल अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा रायबरेली पहुंच चुकी है और रास्ते में हुए स्वागत ने यात्रा को चर्चा में ला दिया है। बुलडोजर से पुष्पवर्षा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद अब निगाहें अखिलेश यादव के रायबरेली कार्यक्रम और उनके स्थानीय नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ होने वाली बैठकों पर हैं।