UP Bullet Train: उत्तर प्रदेश में आने वाले समय में रेल यात्रा की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। दिल्ली से कानपुर पहुंचने में जहां अभी कई घंटे लगते हैं, वहीं प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर शुरू होने के बाद यह सफर महज 1 घंटे 45 मिनट में पूरा करने की योजना है। इतना ही नहीं, दिल्ली से लखनऊ पहुंचने में 2 घंटे 12 मिनट और वाराणसी जाने में सिर्फ 3 घंटे 33 मिनट लगेंगे। केंद्र सरकार देश के दूसरे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के जरिए दिल्ली को उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के प्रमुख शहरों से जोड़ने की तैयारी कर रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रस्तावित परियोजना की जानकारी साझा करते हुए अलग-अलग शहरों के बीच संभावित यात्रा समय का ब्यौरा दिया है।
इस परियोजना के पूरा होने पर नौकरी, कारोबार, शिक्षा और पर्यटन के लिए लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को बड़ा फायदा मिल सकता है। खासकर उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या और वाराणसी के बीच आवागमन पहले से काफी तेज हो सकता है।
दिल्ली से आगरा, कानपुर और लखनऊ तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
प्रस्तावित नॉर्दर्न हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को उत्तर भारत के लिए एक बड़े परिवहन नेटवर्क के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत दिल्ली से आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी और पटना को जोड़ा जाएगा। आगे इस नेटवर्क को गुवाहाटी तक बढ़ाने का भी प्रस्ताव है।
फिलहाल देश में मुंबई-अहमदाबाद के बीच पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है। इसके बाद उत्तर भारत में दूसरे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी है।
इस नेटवर्क का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो सकेगा। अभी जिन शहरों तक पहुंचने में यात्रियों को आधा दिन या उससे अधिक समय लग जाता है, वहां भविष्य में कुछ घंटों में पहुंचना संभव हो सकता है।
दिल्ली से कानपुर 1:45 घंटे, वाराणसी पहुंचने में लगेंगे 3:33 घंटे
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से साझा किए गए संभावित यात्रा समय के मुताबिक, दिल्ली से आगरा का सफर महज 59 मिनट में पूरा हो सकेगा। वहीं, कानपुर पहुंचने में 1 घंटा 45 मिनट और लखनऊ पहुंचने में करीब 2 घंटे 12 मिनट लगेंगे।
वाराणसी जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह परियोजना काफी अहम होगी। प्रस्तावित समय के अनुसार, दिल्ली से काशी का सफर लगभग 3 घंटे 33 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
| रूट | प्रस्तावित यात्रा समय |
|---|---|
| दिल्ली से आगरा | 59 मिनट |
| दिल्ली से कानपुर | 1 घंटा 45 मिनट |
| दिल्ली से लखनऊ | 2 घंटे 12 मिनट |
| दिल्ली से वाराणसी | 3 घंटे 33 मिनट |
| वाराणसी से प्रयागराज | 33 मिनट |
| वाराणसी से लखनऊ | 1 घंटा 21 मिनट |
| वाराणसी से पटना | लगभग 1 घंटा |
इन संभावित समय के मुताबिक, यात्रियों के लिए एक ही दिन में दूसरे शहर जाकर वापस लौटना भी आसान हो सकता है। कारोबारियों को मीटिंग के लिए दिल्ली या लखनऊ पहुंचने में कम समय लगेगा। वहीं, पर्यटन और धार्मिक यात्रा करने वाले लोगों को भी फायदा मिल सकता है।
आम और मध्यम वर्ग के लिए कितना होगा किराया?
बुलेट ट्रेन की रफ्तार के साथ इसके टिकट की कीमत भी यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाली है। रेल मंत्री ने संकेत दिया है कि किराया तय करते समय आम और मध्यम वर्ग के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।
सरकार का उद्देश्य हाई-स्पीड रेल सेवा को ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए उपयोगी बनाना है। हालांकि, प्रस्तावित कॉरिडोर के टिकट की वास्तविक कीमत और किराया संरचना की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
दिन के समय तेज यात्रा के लिए बुलेट ट्रेन के अलावा लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। दिल्ली से वाराणसी जैसे लंबे रूट पर रात में स्लीपर ट्रेन से सफर करके सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा।
इस तरह यात्रियों के पास अपनी जरूरत और बजट के अनुसार तेज दिन की यात्रा और रात के सफर के विकल्प हो सकते हैं।
काशी रेलवे स्टेशन बनेगा बड़ा ट्रांसपोर्ट हब, नमो ब्रिज से भी मिलेगी कनेक्टिविटी
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की योजना के साथ वाराणसी के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को भी आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। काशी रेलवे स्टेशन को उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
इसके लिए स्टेशन के पुनर्विकास और नमो ब्रिज से जुड़ी योजनाओं पर काम किया जा रहा है। प्रस्तावित योजना के तहत स्टेशन परिसर में 50 हजार से अधिक यात्रियों के बैठने की क्षमता वाला बड़ा वेटिंग एरिया तैयार करने की बात कही गई है।
स्टेशन का दक्षिणी हिस्सा काशी विश्वनाथ मंदिर से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है। इससे वाराणसी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर और गंगा घाटों तक जाने में भी सुविधा मिल सकती है।
कुल मिलाकर, प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर केवल यात्रा का समय कम करने वाली परियोजना नहीं है, बल्कि उत्तर भारत के शहरों के बीच कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की बड़ी योजना है। हालांकि, अभी बताए गए यात्रा समय प्रस्तावित हैं। यात्रियों को इस सुविधा के लिए परियोजना के विकास और इसके शुरू होने का इंतजार करना होगा।



