किसानों का आक्रोश मार्च आज, कर्जमाफी को लेकर संसद घेरने की तैयारी

किसानों का हुजूम अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को संसद की ओर कूच करेंगे. इससे पहले गुरुवार को किसानों के साथ वकील, डॉक्टर, पूर्व सैनिक पेशेवर और छात्रों सहित समाज के तमाम वर्गो के लोगों के समूह रामलीला मैदान में इकट्ठे हुए. वहीं किसान पूर्ण ऋण माफी, फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजे की मांग और एमएस स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू करने की मांग को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में जुटे हैं.

3500 पुलिसकर्मी तैनात

देश के विभिन्न भागों से दिल्ली के प्रवेश मार्गो पर एकत्र होकर आंदोलनकारियों का रामलीला मैदान तक पैदल और वाहनों से पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा. ये सभी किसान अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के बैनर तले इक्ट्ठा हुए हैं. राजधानी दिल्ली में यातायात प्रभावित ना हो इसके लिए शुक्रवार को 3500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे.

पूर्व सैनिक भी हुए शामिल

वहीं किसानों की मांग का समर्थन करते हुए पूर्व सैनिकों के संगठन ने बी किसान मुक्ति यात्रा में शिरकत की. संगठने के प्रमुख मेजर जनरल सतबीर सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक किसान आंदोलन में दो दिन तक साथ रहेंगे. वहीं अखिल भारतीय किसान सभा के सचिव अतुम कुमार अनजान ने बताया कि ये पहला मौका है जब किसानों के समर्थन में डॉक्टर, वकील शिक्षक, रंगकर्मी और छात्र संगठनों सहित समाज के सभी वर्गो ने भी किसान आंदोलन में हिस्सेदारी की है.

वहीं इससे पहले किसान आंदोलन  में पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस के नेता एएचडी देवगौड़ा पहुंचे है. उन्होंने कहा कि,  प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से इस पर ध्यान देना चाहिए. मैं समस्या को हल करने की कोशिश करने के लिए केंद्र सरकार से अपील करना चाहता हूं. किसान अब जागृत हो गए हैं. वे जानते हैं कि सजा कैसे दी जाती है. कोई भी सरकार किसान के बिना नहीं चल सकती.

इससे पहले गायक जसबीर जस्सी रामलीला मैदान में किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए.

इन मांगों को लेकर मार्च

ये सभी किसान अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के बैनर तले इक्ट्ठा हुए हैं. वहीं किसानों के इस मार्च की अगुवाई योगेंद्र यादव कर रहे हैं. किसान पूर्ण ऋण माफी, फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजे की मांग और एमएस स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू करने की मांग को लेकर जुटे हैं. खिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर देशभर के 200 से ज्यादा किसान मजदूर संगठन दो दिनों तक दिल्ली में जुट रहे हैं.

इस बार किसानों की संख्या कम

वहीं पिछले किसान आंदोलन से ये आंदोलन काफी हद तक अलग नजर आ रहा है. जहां पिछली बार किसान सड़कों पर जाम लगाकर रखते थे, तो वहीं इस बार ये किसान सामुदायिक भवन में ठहरे हुए हैं. साथ ही किसानों की संख्या भी कम नजर आ रही है. वहीं दिल्ली पुलिस ने किसानों के कूच को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है. इस एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि एक हजार से ज्यादा लोगों का जंतर-मंतर पर जमा होना प्रतिबंधित हैं. वहीं अगर किसानों की संख्या इससे ज्यादा होती है तो उन्हें रामलीला मैदान में धरना प्रदर्शन करना होगा.