अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव- दो ऐसी हिंदू महिला उम्मीदवार जो बदल देंगी अमेरिका का इतिहास

अमेरिका में साल 2020 में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं जिसमें दो महिलाएं अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति को जोरदार टक्कर देंगी. ये दो महिलाएं तुलसी गेबार्ड और कमला हैरिस. तुलसी गेबार्ड एक हिंदू महिला जबकि कमला हैरिस भारतीय मूल की हैं.

कमला हैरिस

भारतीय मूल की पहली अमेरिकी सीनेटर कमला हैरिस ने 2020 चुनावों के लिए डोनाल्ड ट्रम्प को चुनौती देने का ऐलान कर दिया है. बता दें कि कमला हैरिस ट्रम्प की आलोचक रही हैं. 54 वर्षीय हैरिस 2020 के चुनाव में पार्टी की ओर से चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा करने वाली चौथी डेमोक्रेट बन गयी हैं, एक वीडियो जारी करते हुए उन्होंने ट्रम्प के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने का बिगुल फूंका है. उनके प्रचार अभियान का मूल मंत्र है, ‘कमला हैरिस: फोर दी पीपल.

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, ट्रम्प ने 2 साल में बोले 8,158 झूठ

अगर कमला हैरिस डोनाल्ड ट्रम्प को हराते हुए राष्ट्रपति बनती है तो अमेरिका के इतिहास की वो पहली महिला राष्ट्रपति होगी और साथ अश्वेत महिला राष्ट्रपति. हैरिस को अमेरिका में लेडी ओबामा का खिताब दिया गया है.

हैरिस का इंडियन कनेक्शन

दरअसल, कमला हैरिस की मां भारत के तमिलनाडु राज्य से थी और साल 1960 में ही अमेरिका चली गई थी. हैरिस के पिता जैमकन हैं जो कि अफ्रीकी-अमेरिकी हैं.

बिल गेट्स ने की मोदी की आयुष्मान भारत योजना की तारीफ

तुलसी गेबार्ड

अमेरिका राष्ट्रपति की दौड़ में दूसरी महिला है तुलसी गेबार्ड जो कि एक हिंदू हैं. दरअसल, गेबार्ड ने बचपन में ही हिंदू धर्म अपना लिया था. तुसली गेबार्ड अमेरिका में पहली ऐसी महिला है जिन्होंने सांसद पद की शपथ हाथ में भगवत गीता लेकर ली थी. सांसद एलिजाबेथ वारन के बाद 37 वर्षीय गबार्ड डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद की दूसरी महिला दावेदार हैं. बता दें कि तुलसी हवाई से अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में चार बार की डेमोक्रेट सांसद रह चुकी हैं.

अगर तुलसी गेबार्ड राष्ट्रपति बनती हैं तो ये पहली ऐसी महिला राष्ट्रपति होंगी जो गैर-ईसाई होंगी और साथ ही अमेरिका की सबसे युवा राष्ट्रपति होंगी.