अटल बिहारी वाजपेयी पुण्यतिथि पर पीएम मोदी का नमन, कहा- ‘विकसित भारत के लिए सदा प्रेरित करेंगे’

अटल बिहारी वाजपेयी पुण्यतिथि पर पीएम मोदी का नमन, कहा- ‘विकसित भारत के लिए सदा प्रेरित करेंगे’

अटल बिहारी वाजपेयी पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री का जीवन राष्ट्र निर्माण के लिए हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। शनिवार को वाजपेयी जी की सातवीं पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर में उन्हें याद किया गया।

पीएम मोदी ने किया नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा—
“सभी देशवासियों की ओर से भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन। राष्ट्र के चौतरफा विकास के प्रति उनका समर्पण और सेवा भाव आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में हमेशा प्रेरित करता रहेगा।”

सदैव अटल स्मारक पर श्रद्धांजलि

अटल बिहारी वाजपेयी पुण्यतिथि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कई केंद्रीय मंत्री भी ‘सदैव अटल’ स्मारक पहुँचे। यहां सभी नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री को पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया।

तीन बार बने प्रधानमंत्री

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक रहे। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्थापकों में शामिल थे और तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। उनका पहला कार्यकाल 1996 में मात्र 13 दिनों का था। इसके बाद 1998 में वह दोबारा प्रधानमंत्री बने और 13 महीने तक सरकार चलाई। साल 1999 में वाजपेयी जी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभाला और अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया।

वाजपेयी जी की उपलब्धियाँ

अटल बिहारी वाजपेयी को एक दूरदर्शी नेता के रूप में जाना जाता है। उनके कार्यकाल में देश ने कई अहम निर्णय देखे—

  • पोखरण परमाणु परीक्षण, जिसने भारत को विश्व पटल पर नई पहचान दी।
  • आर्थिक सुधारों को गति, जिससे तेज विकास का रास्ता खुला।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी योजनाएँ, जिनसे गाँव-गाँव तक कनेक्टिविटी बढ़ी।
  • शिक्षा और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान।

वाजपेयी जी का राजनीतिक सफर

  • 1957 में पहली बार बलरामपुर से लोकसभा सदस्य चुने गए।
  • विपक्ष में रहकर भी उन्होंने सरकार को जवाबदेही के दायरे में रखा।
  • विदेश मंत्री के रूप में संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देकर गौरव बढ़ाया।

वाजपेयी जी का विज़न

  • ‘इंडिया शाइनिंग’ अभियान और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा जोर।
  • पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने के प्रयास।
  • कश्मीर मुद्दे पर ‘इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत’ का फॉर्मूला।

जनमानस में लोकप्रियता

  • अटल जी की ओजस्वी वाणी आज भी जन-जन को प्रेरित करती है।
  • उनके भाषण संसद ही नहीं, जनता के बीच भी गूंजते रहे।
  • एक कवि और वक्ता के रूप में उनकी पहचान ने उन्हें और भी खास बनाया।

जन-जन के प्रिय नेता

वाजपेयी जी न केवल एक राजनेता बल्कि एक संवेदनशील कवि और वक्ता भी थे। उनकी कविताएँ आज भी लोगों के दिलों को छूती हैं। उनकी राजनीति का मूल मंत्र था सर्वसमावेशिता और राष्ट्रहित। यही कारण है कि उन्हें विपक्षी दलों से भी सम्मान मिला।

अटल बिहारी वाजपेयी पुण्यतिथि का महत्व

आज उनकी पुण्यतिथि केवल एक औपचारिक अवसर नहीं बल्कि उनकी विचारधारा और योगदान को याद करने का दिन है। पीएम मोदी सहित सभी नेताओं ने कहा कि वाजपेयी जी का समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक रहेगा। उनके विचार आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव हैं।