Meta की नई नीति: AI चैट का इस्तेमाल टार्गेटेड विज्ञापनों के लिए — कौन प्रभावित होगा, कौन नहीं?

Meta की नई नीति: AI चैट का इस्तेमाल टार्गेटेड विज्ञापनों के लिए — कौन प्रभावित होगा, कौन नहीं?

आप भी AI का इस्तेमाल करते हैं तो अगली बार एआई से बातें करने से पहले 100 बार सोचिएगा क्योंकि अब Meta आप लोगों की एआई चैट का इस्तेमाल करने वाली है. एआई चैट के आधार पर विज्ञापन दिखाए जाएंगे, कंपनी ने इस बात की घोषणा की है कि Facebook और Instagram पर टारगेटेड विज्ञापन के लिए यूजर्स की एआई चैट का इस्तेमाल किया जाएगा. आइए जानते हैं कि मेटा के इस नए नियम का असर किस देश के लोगों पर होगा और किस देश के लोगों पर इस फैसले का असर नहीं पड़ेगा?

इन लोगों पर नहीं पड़ेगा असर

मेटा के टारगेटेड विज्ञापन के लिए एआई चैट का इस्तेमाल दुनियाभर में लागू होगा लेकिन यूके, साउथ कोरिया और यूरोपिय संघ में कंपनी का ये अपडेट लागू नहीं होगा. इन देशों में मेटा का ये नया नियम लागू न होने के पीछे का कारण यह है कि इन देशों में प्राइवेसी कानून किसी भी कंपनी को यूजर के डेटा का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देते हैं. कंपनी के सभी ऐप्स पर Meta AI का इस्तेमाल करने वाले कुल 1 बिलियन (लगभग 100 करोड़) मंथली एक्टिव यूजर्स हैं.

इस तरह की बातचीत का नहीं होगा इस्तेमाल

मेटा का कहना है कि राजनीति, धर्म और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय से जुड़ी यूजर की बातचीत का इस्तेमाल टारगेटेड विज्ञापन के लिए नहीं किया जाएगा. कंपनी का ये फैसला इस बात पर रोशनी डालता है कि कैसे कंपनियां फ्री एआई के जरिए पैसा कमाने की कोशिश कर रही हैं.

कब से लागू होगा मेटा का ये नया नियम?

टेकक्रंच रिपोर्ट के अनुसार, 16 दिसंबर से मेटा की अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी लागू हो जाएगी और अगले कुछ दिनों बाद यूजर्स को इस बारे में जानकारी देना शुरू कर दिया जाएगा. मेटा का कहना है कि कंपनी की विज्ञापन दिखाने की तत्काल कोई योजना नहीं है, लेकिन कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इस बात का संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसा हो सकता है.