CUET 2026: 12वीं समेत ग्रेजुएशन के बाद दाखिला के लिए आयोजित होने वाली सेंट्रल टेस्ट यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) में बड़ा बदलाव हो सकता है. मसलन, 2026 में आयोजित होने वाला सीयूईटी बड़े बदलाव के साथ आयोजित की जा सकती है. इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिसके तहत बदलाव के लिए सीयूईटी एग्जाम की तारीख, पैटर्न समेत 12वीं के नंबर वाले मॉडल को फिर से लागू करने जैसे विषयों पर विचार किया जा रहा है.
आइए जानते हैं कि CUET 2026 में बदलाव की ये कहानी क्या है? आखिर क्यों सीयूईटी में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है?
यूनिवर्सिटीज की खाली सीटों का मुद्दा मंत्रालय पहुंचा
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, डीयू समेत देश की कई यूनिवर्सिटी में दाखिला प्रक्रिया खत्म होने के बाद भी सीटें खाली रह गई हैं. ये हालात पिछले कुछ सालों से ज्यादा खराब हुए हैं. इस बार यूनिवर्सिटीज की तरफ से ये मुद्दा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के समक्ष रखा गया है, जिसके बाद मंत्रालय सीटें खाली रहने के कारणों की पड़ताल कर रहा है.
CUET UG रिजल्ट में देरी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी 12वीं के बाद सीयूईटी यूजी का आयोजन करता है तो वहीं ग्रेजुएशन के बाद दाखिला के लिए सीयूईटी पीजी का आयोजन किया जाता है, लेकिन कई एक्सपर्ट सीयूईटी यूजी के रिजल्ट में होने वाली देरी को लेकर चिंता जता रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि रिजल्ट आने के बाद दाखिला के लिए कई राउंड की कांउसलिंग का आयोजन किया जाता है. इतने समय तक स्टेट, प्राइवेट समेत अन्य दूसरी यूनिवर्सिटीज दाखिला की प्रक्रिया पूरी कर क्लासेस शुरू कर लेती हैं. इससे सीटें खाली रह जाती हैं. इस बात को ध्यान में रखते हुए सीयूईटी में आयोजन और तारीखों की समीक्षा की जानी है.
12वीं के नंबर से दाखिला वाले मॉडल की वापसी हो सकती है?
सीयूईटी में बदलाव के तहत कई विषयों की समीक्षा की जा रही है. ऐसे में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक कमेटी ने 12वीं बोर्ड के नंबरों से दाखिला देने वाले माॅडल को लागू करने या उन्हें तवज्जो देने की सिफारिश की है. हालांकि इसकी माॅडल की वापसी होगी, ये मुश्किल लगता है.
NTA पर दबाव! DU को जिम्मेदारी ?
सीयूईटी में बदलाव की संभावनाओं के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है. एक्सपर्ट मान रहे हैं कि एनटीए के पास कई परीक्षाएं आयोजित कराने की जिम्मेदारी है और समय पर सभी परीक्षाओं का आयोजन होना जरूरी है. ऐसे में सीयूईटी के परीक्षा शेड्यूल में बदलाव का फैसला NTA के दबाव को बढ़ा सकता है. इसे देखते हुए समझा जा रहा कि डीयू को सीयूईटी 2026 के आयोजन की जिम्मेदारी दी जा सकती है. हालांकि इन तमाम विषयों पर अभी समीक्षा जारी है और अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन ये तय माना जा रहा है कि सीयूईटी 2026 कई बदलावों के साथ आयोजित होगी.



