देश के सात करोड़ से अधिक नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद राहत भरा फैसला लिया है. अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य अपनी मेहनत की कमाई यानी प्रोविडेंट फंड (PF) से जरूरत पड़ने पर लगभग 100 फीसदी तक रकम निकाल सकेंगे. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में पीएफ निकासी से जुड़े जटिल और पुराने नियमों को पूरी तरह से बदलकर उन्हें बेहद सरल और लचीला बना दिया गया है.
इस बड़े फैसले का मकसद कर्मचारियों के जीवन को आसान बनाना है, ताकि वे अपनी आकस्मिक वित्तीय जरूरतों, जैसे कि बीमारी, बच्चों की पढ़ाई या शादी-ब्याह के लिए अपने ही पैसे के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने और लंबी कागजी कार्रवाई से बच सकें. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन बदलावों से कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत या उनकी पेंशन पात्रता पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा. आइए, इन नए नियमों को विस्तार से समझते हैं कि आखिर अब आपके लिए पीएफ का पैसा निकालना कितना आसान हो गया है.



