बिहार चुनाव: बुर्का और घूंघट में मतदान की पहचान के लिए विशेष व्यवस्था

बिहार चुनाव: बुर्का और घूंघट में मतदान की पहचान के लिए विशेष व्यवस्था

बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान बुर्का और घूंघट के अंदर पहचान छिपाने का मामला जोर-शोर से उठाया जा रहा है। इसी पर चुनाव आयोग ने शुक्रवार को अहम घोषणा की। चुनाव आयोग ने कहा कि बिहार में मतदान केंद्रों पर बुर्का पहनकर या पर्दे में आने वाली महिला मतदाताओं की पहचान ‘‘गरिमापूर्ण’’ तरीके से सत्यापित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।

चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि ‘पर्दा-नशीं’ महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए महिला मतदान अधिकारियों या परिचारिकाओं की उपस्थिति में ‘‘गरिमापूर्ण तरीके से उनकी पहचान’’ सत्यापित करने के उसके निर्देशों के अनुसार मतदान केंद्रों पर ‘‘विशेष व्यवस्था’’ की जाएगी तथा उनकी गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी।

90712 आंगनवाड़ी सेविकाओं की लगेगी ड्यूटी

इससे पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि बुर्का पहनकर आने वाली महिला मतदाताओं की पहचान सत्यापित करने में मदद के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बिहार के सभी मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगी। कुमार ने घूंघट और बुर्का पहनी महिलाओं के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि मतदान केंद्रों के अंदर पहचान सत्यापित करने के बारे में आयोग के स्पष्ट दिशानिर्देश हैं और उनका सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा, बुर्काधारी महिलाओं की पहचान सत्यापित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर हमारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तैनात रहेंगी। 90,712 आंगनवाड़ी सेविकाओं को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा।

बीजेपी ने उठाई थी जांच की मांग

बता दें कि भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पिछले शनिवार को आयोग से आग्रह किया था कि बुर्का पहनकर मतदान केंद्रों पर आने वाली महिलाओं के चेहरों का मिलान मतदाता पहचान पत्रों से किया जाए। बिहार में 243 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव दो चरणों में छह और 11 नवंबर को होंगे तथा मतगणना 14 नवंबर को होगी।