Moradabad News: दिवाली के त्योहार पर मुरादाबाद के चित्रगुप्त इंटर कॉलेज में छात्रों ने अपने आर्ट से आस्था का अनूठा संगम पेश किया. विद्यालय परिसर में छात्रों ने 100 फीट लंबी रंगोली बनाकर दिवाली को बेहद खास तरीके से मनाया. इस विशाल रंगोली में भगवान श्रीराम और अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर की झलक को बारीकी से उकेरा गया था, जिसने परिसर में उपस्थित सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया.
छात्र-छात्राओं ने टीम बनाकर सुबह छह बजे से रंगोली बनानी शुरू की. करीब 10 घंटे की कड़ी मेहनत और सैकड़ों रंगों के प्रयोग के बाद 100 फीट लंबी यह अद्भुत रंगोली साकार हुई. कॉलेज परिसर दीपमालाओं, सजावट और श्रीराम नाम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा. छात्रों ने बताया कि इस रंगोली को उन्होंने भगवान श्रीराम और दिवाली पर्व को समर्पित किया है. उनका उद्देश्य समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार करना और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि यह केवल कला नहीं, बल्कि श्रद्धा और संस्कृति का संदेश देने का माध्यम है.
छात्रों ने कहा- हमारी रंगोली भगवान श्रीराम को समर्पित
छात्रों ने बताया, हम सुबह से ही स्कूल आ गए थे और करीब 10 घंटे से अधिक समय से बिना रुके रंगोली बनाने में जुटे हैं. हमने यह रंगोली दिवाली के मौके पर भगवान श्रीराम के सम्मान में बनाई है. हमारा उद्देश्य यह दिखाना है कि भारतीय संस्कृति कितनी विविध और प्रेरणादायक है. हम चाहते हैं कि लोग धर्म और आस्था से जुड़ें और श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं.”
बच्चों की इस कला पर क्या बोले शिक्षक?
वहीं आर्ट टीचर नवनीत गोस्वामी ने बताया कि यह पहल छात्रों की रचनात्मकता और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि, आजकल बच्चों का झुकाव मोबाइल और सोशल मीडिया की ओर बढ़ता जा रहा है. ऐसे में इस तरह की गतिविधियां उन्हें सकारात्मक दिशा देती हैं और कला व संस्कृति के प्रति लगाव बढ़ाती हैं.
10 छात्रों की टीम ने बनाई ये रंगोली
विद्यालय के एक अन्य शिक्षक ने कहा कि, हमारी टीम ने 10 छात्रों के साथ मिलकर इस भव्य रंगोली को तैयार किया है. हमारा उद्देश्य केवल प्रतियोगिता करना नहीं था, बल्कि बच्चों में अपने धर्म, संस्कृति और कला के प्रति जागरूकता लाना था. हमने बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़े रखने का प्रयास किया है.” विद्यालय प्रशासन ने भी इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल छात्रों की कला को निखारती हैं, बल्कि उनमें टीम वर्क, समर्पण और भारतीयता की भावना को भी मजबूत करती हैं.



