बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘आपत्तिजनक भाषा’ का इस्तेमाल करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कड़ी निंदा की है. कांग्रेस अध्यक्ष ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी के लिए ‘झूठों के सरदार’ शब्द का इस्तेमाल किया था. यहां के पत्रकारों से बात करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि एनडीए शासन में बिहार की प्रति व्यक्ति आय 6,900 से बढ़कर 67,000 रुपये हो गई. साथ ही जीएसडीपी 23,000 करोड़ से बढ़कर 3.17 लाख करोड़ रुपये हो गई. उन्होंने कहा कि बिजली कवरेज (कुल घरों की संख्या के मुकाबले बिजली कनेक्शन वाले घरों का अनुपात) 22 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत हो गया. बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि मैं खरगे जी से पूछना चाहता हूं कि क्या ये सारे तथ्य झूठ हैं?
सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि इंडिया ब्लॉक के नेता एक विरोधाभास से ग्रस्त हैं. उन्होंने पूछा कि मार्च 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नीतीश कुमार के विकास कार्यों की सराहना की थी और कहा था कि बिहार भारत में सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य है. क्या यह झूठ था?
ये बजट देश के लिए है सिर्फ बिहार के लिए नहीं
सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय बजट 2025-26 के बाद कहा था कि बजट का एक बड़ा हिस्सा बिहार के लिए समर्पित है और दूसरे राज्यों के लिए बहुत कम बचा है. उन्होंने सवाल पूछा कि कुछ कांग्रेस नेताओं ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि यह बजट देश के लिए है या बिहार के लिए. और अब, वे कहते हैं कि बिहार को कुछ नहीं दिया गया. कौन सा झूठ है? उनकी टिप्पणी तब की है या अब की?
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि समय के साथ रंग बदलना कांग्रेस की विशेषता है और उनकी एकमात्र स्थायी प्रवृत्ति झूठ बोलने की है. इंडिया ब्लॉक के नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि रतौंधी से पीड़ित लोगों का कोई इलाज नहीं है. पटना हवाई अड्डे पर पहुंचकर या राज्य की सड़कों पर यात्रा करके, कोई भी अंतर साफ देख सकता है. बिहार का विकास आईने की तरह साफ है.



