बिहार चुनाव 2025: ये 10 सीटें तय करेंगी सत्ता की कुंजी, जहां 1000 वोट से भी कम था अंतर

बिहार चुनाव 2025: ये 10 सीटें तय करेंगी सत्ता की कुंजी, जहां 1000 वोट से भी कम था अंतर

बिहार विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों की नज़र प्रदेश की उन 10 सीटों पर टिकी है, जहां 2020 चुनाव में जीत हार का अंतर 1000 वोट से भी कम रहा था. इस बार इन 10 सीटों पर सियासी जंग जोरदार है, जिसने पिछले चुनाव में खेल पलट दिया था. यहां से सरकार की किस्मत तय हो सकती है. 2020 विधानसभा चुनाव में सरकार बनने और नहीं बनने में इन सीटों का बड़ा अहम रोल रहा, लिहाजा इस बार दोनों ही गठबंधन ने इस बार कोई कोर कसर नहीं छोड़ा है.

हिलसा: नालंदा जिले का 2020 चुनाव में हिलसा को बिहार की सबसे कांटे की टक्कर वाली सीट थी.

यहां से जेडीयू के कृष्णमुरारी शरण ने आरजेडी के अतरी मुनि उर्फ शक्ति सिंह यादव को महज़ 12 वोटों से हराया था. इस बार 2025 विधानसभा चुनाव में फिर 2020 वाले वही दोनों उम्मीदवार आमने सामने हैं. इस सीट पर एक बार फिर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है.

रामगढ़: बक्सर के रामगढ़ 2020 में आरजेडी के सुधाकर सिंह ने बसपा के अंबिका सिंह को 189 वोटों से हराया.

2024 में सुधाकर सिंह लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव हुआ और बीजेपी के अशोक सिंह ने बसपा के अंबिका सिंह को 1362 वोटों से हराया था, जबकि आरजेडी तीसरे स्थान पर रही. 2020 विधानसभा और विधानसभा 2024 उपचुनाव दोनों में इस विधानसभा में जीत हार का अंतर बहुत करीब रहा.

इस बार 2025 विधानसभा चुनाव में एक बार फिर बीजेपी से अशोक सिंह और आरजेडी से अजीत कुमार आमने-सामने हैं, जबकि तीसरे दल के रूप में बसपा के सतीश कुमार यादव मैदान में हैं. 11 नवंबर को होने वाले मतदान में जबरदस्त टक्कर की संभावना है.

कुढ़नी: मुजफ्फरपुर के कुढ़नी से आरजेडी के अनिल कुमार सहनी ने बीजेपी के केदार प्रसाद गुप्ता को सिर्फ 712 वोटों से हराया था.

2025 में इस बार आरजेडी ने कुढ़नी में अपना उम्मीदवार बदल दिया है और यहां मुकाबला आरजेडी के सुनील कुमार सुमन और बीजेपी के केदार प्रसाद गुप्ता के बीच है. जबकि पिछली बार आरजेडी से जीते हुए अनिल कुमार सहनी भी निर्दलीय उम्मीदवार हैं.

बरबीघा: नवादा के बरबीघा से 2020 विधानसभा चुनाव में जेडीयू के सुदर्शन कुमार ने कांग्रेस के गजानंद शाही को 113 वोटों से शिकस्त दी.

इस बार 2025 में जेडीयू से कुमार पुष्पंजय और कांग्रेस से त्रिशूलधारी सिंह के बीच कड़ा मुकाबला है. इस सीट पर एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों ने ताकत लगाई है क्योंकि यहां वोटों का अंतर पिछले 2 विधानसभा चुनाव कम ही रहता है.

डेहरी: 2020 में आरजेडी के फतेह बहादुर सिंह कुशवाहा ने बीजेपी के सत्यनारायण सिंह को 464 वोटों से पराजित किया.

डेहरी विधानसभा से इस बार एनडीए लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राजीव रंजन सिंह और आरजेडी के गुड्डू चंद्रवंशी आमने सामने हैं. कड़े टक्कर की उम्मीदों के बीच यहां 11 नवंबर को दूसरे चरण में मतदान होना है.

भोरे: पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में गोपालगंज के भोरे सुरक्षित सीट से जेडीयू के सुनील कुमार ने करीबी टक्कर में भाकपा (माले) के जीतेंद्र पासवान को 462 वोटों से हराया.

इस बार 2025 में जेडीयू के सुनील कुमार और इंडिया गठबंधन से भाकपा (माले) के उम्मीदवार धनंजय के बीच कांटे की टक्कर है. यहां से जनसुराज पार्टी की प्रीति किन्नर ने चुनाव को त्रिकोणीय बनाया है लेकिन मुख्य मुकाबला जेडीयू और भाकपा माले के बीच है. इस बार भी टक्कर जबरदस्त है, दोनों ही गठबंधन ने पूरी ताकत से चुनाव लड़ा है.

बछवाड़ा: 2020 विधानसभा चुनाव में बेगूसराय के बछवाड़ा सीट से बीजेपी के सुरेंद्र मेहता ने भाकपा के अवधेश कुमार राय को 484 वोटों से हराया था.

इस बार 2025 विधानसभा चुनाव में इस सीट से बीजेपी के सुरेन्द्र मेहता एक बार फिर मैदान में हैं जबकि कांग्रेस से शिवप्रकाश गरीब दास और सीपीआई से अवधेश राय त्रिकोणीय चुनाव में आमने सामने हैं. इस बार भी मुकाबला रोचक है.

बखरी: बेगूसराय के बखरी में 2020 विधानसभा चुनाव में भाकपा के सूर्यकांत पासवान ने बीजेपी के रामशंकर पासवान को 777 वोटों से हराया.

2025 विधानसभा चुनाव में में एनडीए गठबंधन के तरफ से इस सीट से एलजेपी (रामविलास) के उम्मीदवार संजय कुमार का मुकाबला इंडिया गठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार विकास कुमार से है. एक बार फिर यहां मुकाबला कांटे की है और जीत हार का मार्जिन कम रहने की संभावना है.

परबत्ता: 2020 विधानसभा चुनाव में जेडीयू के डॉ. संजीव कुमार ने आरजेडी के दिगंबर प्रसाद तिवारी को 951 वोटों से हराया. संजीव कुमार ने इस बार पार्टी बदल दी है.

2025 में इस बार परबत्ता से सीटिंग विधायक डॉ. संजीव आरजेडी के उम्मीदवार हैं. उनकी लड़ाई चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी के उम्मीदवार बाबूलाल शौर्य से है. इस बार भी यहां मुकाबला कांटे की है और जीत हार का अंतर बहुत कम रहने की उम्मीद है.

चकाई: 2020 विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सुमित कुमार सिंह ने आरजेडी की सावित्री देवी को 581 वोटों से मात दी.

इस बार 2025 चुनाव में चकाई से सुमित कुमार सिंह जेडीयू के उम्मीदवार हैं. उनका मुकाबला आरजेडी के सावित्री देवी से है. इस बार चकाई सीट पर आरजेडी और एनडीए ने पूरी ताकत लगाया है, लिहाजा इस बार भी मुकाबला कांटे की है.

बिहार के सत्ता की कुंजी

बहरहाल एक हजार से कम मतों से हार जीत वाली इन सीटों को दोनों ही गठबंधन के घटक दलों पहले ही चिन्हित कर लिया था और पूरी ताकत और दमखम के साथ चुनाव लड़े हैं. क्योंकि सबको लगता है सत्ता की कुंजी इन्हीं विधानसभा को अपने पाले में करने से हासिल हो सकती है. 14 नवंबर को परिणाम में पता चलेगा कि क्या ये 10 विधानसभा सीट वाकई बिहार के सत्ता की कुंजी साबित होते हैं!