इंडिगो संकट: 48 घंटे में 200 से ज्यादा फ्लाइटें रद्द, स्टाफ कमी और DGCA नियमों से बढ़ी परेशानी

इंडिगो संकट: 48 घंटे में 200 से ज्यादा फ्लाइटें रद्द, स्टाफ कमी और DGCA नियमों से बढ़ी परेशानी

भारतीय एयरलाइन कंपनी इंडिगो इस वक्त बड़े संकट से जूझ रही है. देशभर के कई एयरपोर्ट्स से उड़ान भरने वालीं उसकी फ्लाइटों को लगातार कैंसिल किया जा रहा है. इसी कड़ी में आज यानी कि गुरुवार को उसकी 100 से ज्यादा उड़ानों को रद्द कर दिया गया है. कहीं तकनीकी वजह से फ्लाइट की उड़ानों पर असर पड़ा, तो कहीं क्रू मेंबर्स की कमी देखने को मिल रही है.

इंडिगो की इस समस्या के कारण यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई यात्री एयरपोर्ट पर ही अपनी फ्लाइट का घंटों से इंतजार कर रहे हैं. जबकि लास्ट मोमेंट पर उनकी फ्लाइट कैंसिल कर दी गई. हैदराबाद और दिल्ली एयरपोर्ट पर गुरुवार लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. एयरलाइन की इस गलती को लेकर अब लोगों सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं.

इंडिगो के अलावा भी कई एयरलाइंस इस तरह की परेशानी का सामना कर रही हैं. यही वजह है कि किराया भी काफी बढ़ रहा है. दिल्ली से मुंबई का किराया 20 हजार के पार चला गया है.

अब तक 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द

इंडिगो की बेंगलुरु में 42, दिल्ली में 38, अहमदाबाद में 25, इंदौर में 11, हैदराबाद में 19, सूरत में 8 और कोलकाता में 10 फ्लाइट कैंसिल की गई हैं.

इंडिगो एयरलाइन ने बयान जारी करते हुए कहा कि खराब मौसम, सिस्टम में गड़बड़ी और स्टॉफ से जुड़े नए नियमों के चलते फ्लाइट पर असर पड़ा है, हम असुविधा के लिए माफी मांगते हैं, अगले 48 घंटे में ऑपरेशन पूरी तरह ठीक हो जाएगा. बीते दो दिन में कंपनी की 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं.

किन शहरों पर पड़ रहा असर?

इंडिगों में आई खराबी का असर लगभग देश के हर एयरपोर्ट पर पड़ रहा है. हालांकि दिल्ली, बेंगलुरु, इंदौर, अहमदाबाद, हैदराबाद, वाराणसी, सूरत एयरपोर्ट्स यात्रियों को जयादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

यात्री हो रहे परेशान

इंडिगो के सिस्टम में खराबी के कारण ज्यादातर फ्लाइट कैंसिल की जा रही हैं, जिन फ्लाइटों को उड़ाया जा रहा है, उसमें भी यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मैन्युअल चेक-इन में 2540 मिनट ज्यादा लग रहे हैं. बैगेज ड्रॉप और सिक्योरिटी चेक में भी देरी हो रही है.

फ्लाइट कैंसिल होने की वजह?

इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल होने के पीछे की कई वजहें बताई जा रही हैं. इसमें दावा किया जा रहा है कि सिस्टम में खराबी और स्टाफ की कमी प्रमुख है. हालांकि फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने इससे साफ मना किया है. FIP के मुताबिक FIP ने दावा किया कि इंडिगो की यह परेशानी खुद उसकी पुरानी गलत नीति की वजह से है. कंपनी ने सालों से जानबूझकर बहुत कम पायलट रखे हैं. यही वजह है कि इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

DGCA के नए नियम से बने ऐसे हालात?

DGCA की तरफ से हाल ही में कई नियमों में बदलाव किया गया है. ऐसा कहा जा रहा है कि इसको लागू करने में एयरलाइंस को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा है. ऐसा इसलिए क्योंकि नए नियमों के मुताबिक स्टाफ बहुत कम है.

नए नियमों में क्या बदला?

  • DGCA के नियम में मुताबिक अब पायलट को हफ्ते में 48 घंटे का आराम दिया जाएगा. जो कि पहले 36 घंटे हुआ करता था. यह आराम 12 घंटे बढ़ गया है. इससे शिफ्ट और स्टाफ की कमी हो रही है.
  • नए नियमों के मुताबिक अब पायलटों की हेल्थ रिपोर्ट को भी मेंटेन करना होगा. इसके साथ ही हर तीन महीने में बताना होगा कि पायलटों ने थकान की शिकायत की या नहीं.
  • एयरलाइन को हर 3 महीनों में बताना होगा कि पायलट की थकान दूर करने के लिए एयरलाइन की तरफ से क्या कदम उठाए गए हैं.