2025 की दूसरी छमाही में GST दरों में कटौती के बाद पैसेंजर वाहनों की मांग बढ़ी थी. बावजूद इसके 2026 में बहुत ज्यादा नई कारें लॉन्च होने की उम्मीद नहीं है. ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि ज्यादातर कंपनियां नए मॉडल लॉन्च करने की बजाय अपनी पुरानी कारों में छोटे-मोटे बदलाव, फेसलिफ्ट और नए फीचर जोड़ने पर ध्यान दे रही हैं. कंपनियां ऐसा लागत बचाने और मौजूदा मॉडलों को बाजार में मजबूती से स्थापित करने के लिए कर रही हैं.
खास बात ये है कि कंपनियां गाड़ियों में छोटे सुधारों के साथ उन्हें बेहतर बना रही हैं. सबसे ज्यादा एक्टिविटी कॉम्पैक्ट और मिड-साइज SUV में सेगमेंट रहेगी. ये 1020 लाख रुपये की कीमत वाला सेगमेंट पहली बार वाहन खरीदने वाले और गाड़ी अपग्रेड करने वाले दोनों ग्राहकों के बीच लोकप्रीय है. इसके अलावा कई कंपनियां धीरे-धीरे इसलिए भी आगे बढ़ रही हैं, क्योंकि अप्रैल 2027 में आने वाले CAFE 3 नियम नए प्लेटफॉर्म और इंजन प्लान पर असर डालेंगे. तब तक कंपनियां बड़े बदलावों की बजाय डिजाइन अपडेट, कनेक्टिविटी, सेफ्टी और फीचर्स बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं.



