देश को अगर किसी एक संकट ने चुपचाप घेर लिया है, तो वह है पीने का पानी. न कोई सायरन, न कोई आपातकाल, बस एक दिन नल खुलेगा और पानी नहीं आएगा. देश में जमीन के नीचे मौजूद पानी को लेकर सरकार ने संसद में जो आंकड़े रखे हैं, वे एक साफ संकेत देते हैं कि भारत तेजी से अपना भूजल इस्तेमाल कर रहा है और कई इलाकों में हालात चिंताजनक हो चुके हैं.
सरकारी आकलन के मुताबिक, देश में हर साल बारिश और अन्य स्रोतों से जमीन के नीचे करीब 448 अरब घन मीटर पानी भरता है. लेकिन इसमें से सुरक्षित रूप से इस्तेमाल लायक पानी करीब 407 अरब घन मीटर ही माना जाता है. साल 2025 में देश ने इसी भूजल में से 247 अरब घन मीटर पानी निकाल लिया. देश अपनी क्षमता का करीब 61 प्रतिशत भूजल हर साल इस्तेमाल कर रहा है.



