कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अरावली पर केंद्र सरकार के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने इसे डैमेज कंट्रोल की एक बेकार कोशिश बताया. रमेश ने कहा कि यह डैमेज कंट्रोल की एक खोखली और भ्रामक कोशिश है, जो किसी को भी मूर्ख नहीं बना पाएगी.
पूर्व पर्यावरण मंत्री ने कहा कि ये सिर्फ दिखावटी घोषणाएं हैं, जबकि अरावली की खतरनाक 100 मीटर से ऊपर वाली नई परिभाषा-जिसे फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया, सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी और सुप्रीम कोर्ट के अमीकस क्यूरी ने खारिज किया है. अब भी जस की तस बनी हुई है. अरावली पहाड़ों को बचाया नहीं जा रहा, बल्कि बेचा जा रहा है.



