Lanka Dahan Ramayan: रामायण में हनुमान जी द्वारा लंका दहन का प्रसंग मिलता है. लंका दहन को अहंकार के विनाश का प्रतीक बताया जाता है. माता सीता की खोज में हनुमान जी लंका पहुंचे थे. माता सीता से मिलने के बाद जब हनुमान जी को भूख लगी तो वो अशोक वाटिका में लगे पेड़ों से फल खाने लगे और वृक्षों को उखाड़ने लगे. ये खबर जब रावण तक पहुंची तो उसने अपने पुत्र अक्षय कुमार को अशोक वाटिका मे भेजा. फिर अक्षय कुमार हनुमान जी के हाथों मारा गया.
इसके बाद मेघनाद ने अशोक वाटिका में जाकर ब्रह्मास्त्र चलाया, जिसका सम्मान करते हुए हनुमान जी उसमें बंध गए और रावण की सभा में पहुंचे, जहां उनकी पूंछ में आग लगा दी गई. इस अपमान के बदले हनुमान जी ने पूरी लंका को आग में झोंक दिया. हालांकि, एक बड़ा रहस्य आज भी कई लोगों को हैरान करता है. हनुमान जी ने पूरी लंका को राख कर दिया, लेकिन उन्होंने रावण का महल क्यों छोड़ दिया?



