Indian Air Force Boost: 6 MRTT टैंकर विमानों की खरीद को मंजूरी, चीन-पाकिस्तान के खिलाफ बढ़ेगी ताकत

Indian Air Force Boost: 6 MRTT टैंकर विमानों की खरीद को मंजूरी, चीन-पाकिस्तान के खिलाफ बढ़ेगी ताकत

भारत ने भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए 6 मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (MRTT) विमानों की खरीद को मंज़ूरी दे दी है. करीब 1.1 अरब डॉलर की इस डील से वायुसेना की लंबी दूरी तक मारक क्षमता और ऑपरेशनल रेंज में बड़ा इजाफा होगा. यह कार्यक्रम इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) के नेतृत्व में और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के सहयोग से किया जाएगा.

इन विमानों से हवा में ही लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने की सुविधा मिलेगी, जिससे IAF हिंद-प्रशांत क्षेत्र समेत भारत की सीमाओं से बाहर तक लंबे मिशन चला सकेगी.

पुराने टैंकर हो चुके हैं कमजोर

फिलहाल IAF के पास मुख्य रूप से Il-78 MKI टैंकर विमान हैं, जिन्हें साल 2003 में शामिल किया गया था. ये विमान अब औसतन 22 साल पुराने हो चुके हैं. इनकी मेंटेनेंस समस्या, कम उपलब्धता और नई तकनीक से तालमेल की कमी के कारण मिशन क्षमता प्रभावित हो रही है. खासतौर पर राफेल, Su-30MKI और तेजस जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ इनकी उपयोगिता सीमित हो गई है.

Boeing 767 आधारित आधुनिक MRTT

नए MRTT विमान Boeing 767 प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे. ये ज्यादा दूरी तक उड़ान, ज्यादा ईंधन सप्लाई और आधुनिक एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग सिस्टम से लैस होंगे. इससे IAF के लड़ाकू विमान ज्यादा देर तक हवा में रह सकेंगे और दूर-दराज इलाकों में ऑपरेशन कर पाएंगे.

आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा

इस डील में HAL की अहम भूमिका होगी. भारत में ही इन विमानों का मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) किया जाएगा. साथ ही भारतीय सिस्टम्स और तकनीक के इस्तेमाल की भी संभावना है.

ऑपरेशन सिंदूर से मिली सीख

पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लंबी दूरी के स्ट्राइक मिशनों में रिफ्यूलिंग की कमी सामने आई थी. माना जा रहा है कि उसी अनुभव के बाद सरकार ने इस खरीद को प्राथमिकता दी है.

चीन-पाकिस्तान के खिलाफ बढ़ेगी रणनीतिक बढ़त

नई MRTT क्षमता से भारत की चीन के साथ LAC और पाकिस्तान सीमा पर रणनीतिक स्थिति मजबूत होगी. इसके अलावा हिंद महासागर क्षेत्र में भी भारत अपनी एयर पावर को ज्यादा प्रभावी ढंग से दिखा सकेगा.

क्या होंगी खासियतें?

  • एक MRTT में दो शक्तिशाली GE इंजन
  • हवा में 72,000 से 90,000 किलोग्राम तक ईंधन ट्रांसफर करने की क्षमता
  • 11,000 किलोमीटर से ज्यादा की उड़ान रेंज
  • फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट और मेडिकल इवैक्यूएशन जैसे मल्टी रोल मिशन
  • ऊंचे पहाड़ी इलाकों और रेगिस्तानी हालात में भी ऑपरेशन में सक्षम

यानी यह सौदा सिर्फ पुराने विमानों की जगह लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि IAF की एयर पावर को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.