अजित पवार महाराष्ट्र की सियासत में पिछले 3 दशक से अहम खिलाड़ी के रूप में रहे. अब उनके निधन के बाद भी राज्य की सियासत नए मोड़ पर आ गई है. कहा जा रहा है कि उनके निधन से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों घड़े आपसी विलय की बात कर रहे थे. दोनों दलों की ओर से कुछ लोग इस विलय का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ इसके विरोध में खड़े हैं. लेकिन पिछले 2-3 दिनों में एनसीपी के विलय को लेकर दोनों गुटों में मतभेद कल से ही सामने आने लगे हैं और अब लग रहा है जो विलय की बात जो करीब-करीब फाइनल हो गई थी, उस पर संकट के बादल आ गए हैं.
कहा जा रहा है कि शरद पवार गुट विलय को तैयार है. गुट के कुछ बड़े नेता राजेश टोपे और अनिल देशमुख खुलकर इस बारे में मीडिया में बयान भी दे रहे है. जबकि अजित पवार गुट फिलहाल कुछ खास नहीं कह रहा है. इस सवाल पर अजित पवार की एनसीपी का ओर से अब तक कुछ बात नहीं की गई है. ऐसे में एनसीपी के दोनों गुटों का तत्काल विलय होगा, ऐसा फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा.



