महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने मुस्लिम समाज को बड़ा झटका देते हुए सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिम वर्ग को दिए जाने वाले 5 फीसदी आरक्षण से जुड़ा पुराना फैसला पूरी तरह से रद्द कर दिया है. कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में इस आरक्षण के तहत अब किसी भी तरह का प्रवेश नहीं मिल सकेगा. सरकार के इस फैसले का विपक्ष विरोध कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि यह फैसला कानूनी स्थिति को देखते हुए लिया गया है.
फडणवीस सरकार के सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग ने कल मंगलवार को जारी अपने फैसले में बताया कि मुस्लिम समाज के विशेष पिछड़ा वर्गए (SBC-A, Special Backward Class-A) के तहत आने वाले लोगों को जाति प्रमाणपत्र और जाति वैधता प्रमाणपत्र जारी करने से संबंधित शासन के सभी पुराने फैसले और सर्कुलर आधिकारिक रूप से रद्द कर दिए गए हैं.
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