अफगानिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट-खोरासान (IS-K) आतंकवादी संगठन हैं. पाकिस्तान का दावा है कि यह दोनों संगठन उनके देश के खिलाफ काम करते हैं. इतना हीं नहीं, उनके देश के अंदर होने वाले आतंकवादी हमलों में भी इन दोनों संगठनों का हाथ होता है. दावा है कि दोनों संगठन अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों से ऑपरेट होते हैं. इसी वजह से शनिवार रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की है. आइए आपको बताते हैं कि TTP और IS-K का उदय कब हुआ और दोनों संगठनों का मकसद क्या है.
2007 में बने इस संगठन को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को ‘पाकिस्तानी तालिबान’ कहा जाता है. यह संगठन पाकिस्तान सरकार का सबसे बड़ा दुश्मन है. बैतुल्लाह मेहसूद के नेतृत्व में कई छोटे-छोटे जिहादी समूह संगठन के रूप में एकजुट होकर TTP का उदय हुआ है. इसका मुख्य मकसद पाकिस्तान के कबायली इलाकों (खैबर पख्तूनख्वा) से सरकारी नियंत्रण खत्म कर अपना कट्टर शरिया कानून लागू करना है. TTP अल-कायदा से विचारधारा और ट्रेनिंग लेता है.



