महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट एक्शन कमेटी (M-TAC) ने कल बुधवार को ऐलान करते हुए बताया कि वह गुरुवार (5 मार्च) से प्रस्तावित राज्यव्यापी ‘चक्का जाम’ आंदोलन के साथ आगे बढ़ेगी. उसका आरोप है कि सरकार ने ई-चालान के मसले पर किसी तरह का कोई ठोस फैसला नहीं लिया है. हड़ताल से लोगों को खासी दिक्कत हो सकती है क्योंकि इस हड़ताल को स्कूल बस, प्राइवेट टूरिस्ट बस, टेंपो और टैक्सी के साथ-साथ ऑटो रिक्शा यूनियनों ने भी अपना समर्थन दिया है.
राज्यव्यापी हड़ताल में सभी अहम संगठनों के शामिल होने से राज्य में परिवहन की व्यवस्था पर खासा असर पड़ सकता है. बड़ी संख्या में लोग बस, टेंपो और टैक्सी आदि का इस्तेमाल करते हैं और इनके नहीं चलने पर आम लोगों को दिक्कतें हो सकते हैं, हालांकि ई-चालान से जुड़े मसले को लेकर राज्य ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने चर्चा करने के लिए दिन में पहले एक बैठक बुलाई थी. लेकिन, बैठक में आए ट्रांसपोर्टरों की ओर से दावा किया गया कि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई ठोस आश्वासन या फैसले पर समहति नहीं बन सकी थी.



