पश्चिम एशिया में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा हालात के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की मदद के लिए कदम तेज कर दिए हैं. इसी कड़ी में लेबनान से 177 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत लाया गया है, जबकि कतर से 500 से ज्यादा भारतीयों ने वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए स्वदेश के लिए रवाना होकर वापसी की है.
लेबनान की राजधानी बेरूत स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, 177 भारतीय नागरिकों का पहला जत्था बुधवार को एक चार्टर फ्लाइट के जरिए नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ. बेरूत-रफीक हरीरी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लेबनान में भारत के राजदूत नूर रहमान शेख ने यात्रियों को विदा किया. दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि वह लेबनान में रह रहे भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है.
कतर से 500 से ज्यादा भारतीय लौटे
इस बीच कतर में फंसे 500 से अधिक भारतीय नागरिक बुधवार (11 मार्च) को कतर एयरवेज की उड़ानों से भारत के लिए रवाना हुए. भारतीय दूतावास ने बताया कि ये यात्री नई दिल्ली और मुंबई सहित विभिन्न भारतीय शहरों के लिए प्रस्थान कर चुके हैं. इसके अलावा 12 मार्च को भी कतर एयरवेज की दो अतिरिक्त उड़ानें एक नई दिल्ली और एक मुंबई के लिए निर्धारित की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक भारतीय नागरिकों की वापसी सुनिश्चित की जा सके.
दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
भारतीय दूतावास ने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन एवं आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है. दूतावास ने बताया कि भारतीय नागरिकों को पूछताछ या आपात स्थिति में सहायता प्रदान करने के लिए उसकी तीन हेल्पलाइन सेवाएं 24 घंटे सक्रिय हैं.
पासपोर्ट सेवाओं को प्राथमिकता
अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए दूतावास तत्काल पासपोर्ट सेवाओं को प्राथमिकता दे रहा है. कांसुलर सेक्शन पूरे सप्ताह खुला रख रहा है और एक से दो दिनों के भीतर तत्काल पासपोर्ट जारी कर रहा है.
सुरक्षा को लेकर विशेष चेतावनी
एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु, मलबे या अज्ञात टुकड़ों के पास न जाएं. यदि ऐसी कोई वस्तु दिखाई दे तो तुरंत स्थानीय आपात सेवाओं को इसकी सूचना दें.
हमलों पर जताई चिंता
इससे पहले, होर्मुज जलडमरूमध्य में थाई ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमले के बाद भारत ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों पर चिंता व्यक्त की थी. विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा कि उसने जलडमरूमध्य से गुजरते समय थाई मालवाहक पोत मयूरी नारी पर हुए हमले की खबरों का संज्ञान लिया है.
समुद्री यातायात और पोत नियंत्रण केंद्र के अनुसार, एसईटी-सूचीबद्ध प्रेशियस शिपिंग पीएलसी द्वारा संचालित मयूरी नारी, संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा बंदरगाह से रवाना हुई थी और भारत के गुजरात में कांडला बंदरगाह की ओर जा रही थी तभी सुबह लगभग 10 बजे उस पर हमला हुआ.मंत्रालय ने इस बात पर फिर से जोर दिया कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक समुद्री यातायात पर हमलों से बचना चाहिए खासकर चालक दल के सदस्यों और वैश्विक व्यापार मार्गों को होने वाले खतरों को देखते हुए.



