देश के तीन अहम क्षेत्रों—Kerala, Assam और Puducherry—में गुरुवार सुबह मतदान शुरू होते ही लोगों का उत्साह साफ नजर आया। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे तक केरल में 16.23%, असम में 17.87% और पुडुचेरी में 17.41% मतदान दर्ज किया गया। लंबी कतारें और शांतिपूर्ण मतदान इस बात का संकेत हैं कि मतदाता अपने अधिकार को लेकर सजग हैं। अब 4 मई को होने वाली मतगणना तय करेगी कि किसे सत्ता का जनादेश मिलेगा।
असम: पीएम मोदी की अपील, विपक्ष के आरोपों से गरम माहौल
Narendra Modi ने असम के मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की। उन्होंने खासकर युवाओं से कहा कि वे लोकतंत्र के इस पर्व में उत्साह के साथ हिस्सा लें। वहीं दूसरी ओर, राजनीतिक माहौल में आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। कांग्रेस उम्मीदवार मीरा बोर्थाकुर गोस्वामी ने आरोप लगाया कि निचले असम में बाहरी हिंदी भाषी मतदाताओं को अवैध तरीके से वोट दिलाने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने इसे “वोट चोरी” बताया, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया है।
केरल: शांतिपूर्ण मतदान, बेहतर मौसम से बढ़ेगा प्रतिशत
केरल के कई जिलों में मतदान सुचारू रूप से जारी है। कोल्लम जिले में सुबह 10 बजे तक 16% से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया, जहां एराविपुरम और कोल्लम विधानसभा क्षेत्रों में अच्छी भागीदारी दिखी। मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें नजर आईं, लेकिन प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बताया। मौसम भी अनुकूल बना हुआ है, जिससे दिनभर मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। इस बीच, केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने मतदान के बाद दावा किया कि UDF इस बार 100 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। उन्होंने अपने क्षेत्र पेरावूर में लगातार चौथी जीत का भी भरोसा जताया।
पुडुचेरी: शुरुआती रुझान स्थिर, कांग्रेस ने जताया भरोसा
पुडुचेरी में भी सुबह से मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 17.41% मतदान दर्ज हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता वी. नारायणसामी ने भरोसा जताया कि INDIA गठबंधन इस बार सत्ता में वापसी करेगा। उनका कहना है कि जनता बदलाव चाहती है और इसका असर नतीजों में दिखेगा।
अब जनता का फैसला, 4 मई को खुलेगा सत्ता का रास्ता
इन चुनावों में केरल की 140, असम की 126 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर फैसला होना है। कुल मिलाकर करोड़ों मतदाता आज अपने वोट से अगली सरकार का रास्ता तय कर रहे हैं। शुरुआती रुझान यह दिखाते हैं कि मतदान में अच्छी भागीदारी हो रही है, जो लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। अब सबकी नजर 4 मई पर टिकी है, जब असली तस्वीर सामने आएगी।


