Pawan Khera को Telangana High Court से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत (transit anticipatory bail) दे दी है। इस फैसले के तहत खेड़ा को एक सप्ताह का समय मिला है, जिसके भीतर वे संबंधित अदालत में नियमित अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। जस्टिस के. सुजना ने गुरुवार को सुनवाई के बाद शुक्रवार को यह आदेश सुनाया।
क्या है पूरा मामला, क्यों दर्ज हुई FIR
खेड़ा के खिलाफ असम पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और आपराधिक साजिश जैसे आरोपों में मामला दर्ज किया है। विवाद उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी Riniki Bhuyan Sarma पर कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में संपत्ति होने का आरोप लगाया था। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और खेड़ा की गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई।
दिल्ली से असम तक जांच, पुलिस की सक्रियता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम पुलिस 7 अप्रैल को New Delhi स्थित खेड़ा के घर भी पहुंची थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट का रुख किया। चूंकि केस असम में दर्ज है और खेड़ा का निवास दिल्ली में है, उन्होंने राहत के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जहां उन्हें अस्थायी सुरक्षा मिल गई।
कोर्ट में तीखी बहस, दोनों पक्षों ने रखे तर्क
खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील Abhishek Manu Singhvi ने दलील दी कि यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि FIR में “हर संभव धारा जोड़ दी गई है” ताकि उन्हें परेशान किया जा सके। वहीं असम सरकार की ओर से Devajit Saikia ने सवाल उठाया कि खेड़ा ने तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख क्यों किया, जबकि मामला असम में दर्ज है। उन्होंने कहा कि असम में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है और वहां आने में कोई खतरा नहीं है।
आगे क्या होगा, नजरें अगली कानूनी प्रक्रिया पर
अब खेड़ा को एक हफ्ते के भीतर संबंधित अदालत में नियमित अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करना होगा। इस दौरान उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा मिली रहेगी। यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी अहम हो गया है। आने वाले दिनों में अदालत का अगला फैसला इस विवाद की दिशा तय करेगा।


