सायरन बजाती एंबुलेंस में मरीज नहीं, 80 पेटी शराब! आगे चल रही थी थार, पुलिस ने खोला तस्करी का बड़ा खेल

सायरन बजाती एंबुलेंस में मरीज नहीं, 80 पेटी शराब! आगे चल रही थी थार, पुलिस ने खोला तस्करी का बड़ा खेल

उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ने शराब तस्करी के एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। जिस एंबुलेंस को लोग गंभीर मरीज लेकर जाते हुए समझ रहे थे, उसके अंदर मरीज नहीं बल्कि 80 पेटी अंग्रेजी शराब भरी हुई थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एंबुलेंस के आगे एक थार SUV चल रही थी, जो रास्ता साफ कराने और शक से बचाने का काम कर रही थी।

पुलिस के मुताबिक, तस्कर लंबे समय से इसी तरीके से पंजाब और हरियाणा से शराब लाकर बिहार और झारखंड तक पहुंचा रहे थे। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है।

सायरन बजाती एंबुलेंस को रोकते ही खुल गया पूरा खेल

डीसीपी पश्चिम आदित्य सिंह के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि पंजाब से बिहार के पूर्वी चंपारण के लिए अवैध शराब की बड़ी खेप भेजी जा रही है।

सूचना के आधार पर एत्मादपुर पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे के पास गढ़ी रामी मार्ग पर सायरन बजाती एंबुलेंस को रोक लिया। उसके आगे बिहार नंबर की एक थार चल रही थी। थार में सवार लोग पुलिस से उलझ गए और दावा करने लगे कि एंबुलेंस में गंभीर मरीज है, इसलिए उसे जाने दिया जाए।

इसी बीच एंबुलेंस चालक मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया।

मरीज की जगह मिलीं 80 पेटी अंग्रेजी शराब

जब पुलिस ने एंबुलेंस की तलाशी ली तो अंदर से करीब 80 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 10.50 लाख रुपये है।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह उनका पहला प्रयास नहीं था। उनके मुताबिक, वे इससे पहले चार खेप सुरक्षित पहुंचा चुके थे और यह पांचवां चक्कर था।

तस्करी के लिए खरीदी थी एंबुलेंस

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पुलिस जांच से बचने के लिए उन्होंने विशेष रूप से एक एंबुलेंस खरीदी थी। यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के बाद वे एंबुलेंस पर प्रयागराज का नंबर लगा देते थे, जबकि आगे बिहार नंबर की थार चलती थी।

सायरन बजने के कारण अधिकांश जगहों पर पुलिस और अन्य वाहन रास्ता दे देते थे, जिससे किसी को भी तस्करी का संदेह नहीं होता था। आरोपियों ने यह भी बताया कि आगे चल रही थार को अप्रैल 2026 में एक फाइनेंस कंपनी की नीलामी से खरीदा गया था।

पांच आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ धोखाधड़ी, आबकारी अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं, शराब की सप्लाई किन राज्यों तक की जा रही थी और इससे पहले भेजी गई खेपों का नेटवर्क कितना बड़ा था। मामले की विस्तृत जांच जारी है।