संसद सत्र से पहले मायावती का बड़ा संदेश, राम मंदिर चढ़ावा विवाद से लेकर महंगाई तक उठाए कई मुद्दे; बोलीं- ‘जनता की पैनी नजर’

संसद सत्र से पहले मायावती का बड़ा संदेश, राम मंदिर चढ़ावा विवाद से लेकर महंगाई तक उठाए कई मुद्दे; बोलीं- ‘जनता की पैनी नजर’

20 जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र से ठीक एक दिन पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों को नसीहत देते हुए कई अहम राष्ट्रीय मुद्दे उठाए। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस बार भी संसद का सत्र हंगामे और स्थगन की भेंट चढ़ जाएगा या फिर महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा होगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर किए गए अपने विस्तृत पोस्ट में मायावती ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद, पश्चिम बंगाल की स्थिति, महिला सुरक्षा, सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और आर्थिक चुनौतियों समेत कई विषयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों पर जनता की पैनी नजर बनी हुई है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद का भी किया जिक्र

मायावती ने अपने पोस्ट में अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा से जुड़े कथित चोरी, हेराफेरी और गबन के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले ने उत्तर प्रदेश और पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

उन्होंने लिखा कि इस मुद्दे को लेकर लोगों में नाराजगी है और वे जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार, इस मामले की गूंज सड़कों से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है और संसद में भी इस पर चर्चा होने की संभावना है।

यह टिप्पणी मायावती के राजनीतिक बयान का हिस्सा है। संबंधित मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया अलग से जारी है।

महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक पर भी उठाए सवाल

बसपा प्रमुख ने कहा कि संसद का मानसून सत्र देश के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों पर चर्चा का मंच बनना चाहिए।

उन्होंने महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, महिला असुरक्षा और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों ने आम लोगों में असंतोष पैदा किया है। उनका सवाल था कि क्या इन समस्याओं के समाधान के लिए संसद में गंभीरता दिखाई जाएगी।

कई राज्यों के मुद्दों का किया उल्लेख

मायावती ने अपने बयान में पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की स्थिति, राजस्थान में गर्भवती महिलाओं की मौत, विभिन्न राज्यों में महिला सुरक्षा, सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार, पुलिस मुठभेड़ों और ध्वस्तीकरण की कार्रवाइयों जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया।

इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, अर्थव्यवस्था और रुपये की स्थिति को भी देश के लिए चिंता का विषय बताया।

सत्ता और विपक्ष दोनों से की अपील

बसपा प्रमुख ने कहा कि संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए।

उन्होंने अपील की कि मानसून सत्र शांतिपूर्ण, सुचारु और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप संचालित हो, ताकि आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावी निर्णय लिए जा सकें। उनके मुताबिक, संसद का प्रभावी ढंग से चलना जनहित और सुशासन के लिए बेहद जरूरी है।