उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी ने राजधानी लखनऊ में संगठन विस्तार का संदेश दिया। पार्टी के एक कार्यक्रम में कई लोगों ने सपा की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खुद नए सदस्यों का स्वागत किया और उन्हें पार्टी की नीतियों और विचारधारा को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम सिर्फ सदस्यता तक सीमित नहीं रहा। अखिलेश यादव ने इस दौरान प्रदेश की योगी सरकार पर मुफ्त बस सेवा और जाट समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा।
सपा में नए लोगों की एंट्री, अखिलेश ने दिया ये संदेश
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने समाजवादी पार्टी का दामन थामा। अखिलेश यादव ने नए सदस्यों को पार्टी की सदस्यता दिलाई और उनका स्वागत किया। इस मौके पर सपा के नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
अखिलेश ने नए सदस्यों से पार्टी की नीतियों को आम लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उनका जोर संगठन को मजबूत करने और समाजवादी विचारधारा के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक संवाद बनाने पर रहा।
राजनीतिक दलों के लिए सदस्यता अभियान संगठन को जमीन पर मजबूत करने का अहम जरिया होता है। ऐसे में सपा के इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश में अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।
फ्री बस यात्रा पर अखिलेश का सरकार पर हमला
सदस्यता कार्यक्रम के बीच अखिलेश यादव ने रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए घोषित मुफ्त बस यात्रा को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का वादा किया, लेकिन जमीनी स्तर पर बसों की उपलब्धता को लेकर परेशानी सामने आई।
अखिलेश ने भाजपा नेताओं पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि जो लोग ‘प्राण जाए पर वचन न जाए’ की बात करते हैं, वे क्या अपने वादे निभाएंगे।
यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि रक्षाबंधन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके और परिवारों तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करती हैं। ऐसे में मुफ्त यात्रा की घोषणा के साथ पर्याप्त बसों की उपलब्धता भी यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है।
अंकित बालियान मामले को लेकर जाट समाज का सवाल
अखिलेश यादव ने जाट समाज से जुड़े मुद्दों को भी अपने बयान में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या वह जाट समाज में दिखाई दे रहे आक्रोश और मारे गए युवा गायक अंकित बालियान के परिवार की बात सुनेंगे।
सपा अध्यक्ष ने अंकित बालियान के पिता का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार अपने बेटे को खोने के बाद दुख में है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार पीड़ित परिवार की बात सुनेगी या उसके साथ भी वैसा ही व्यवहार होगा, जैसा पहले एक दुखी मां के साथ हुआ था।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा की दिलचस्पी सिर्फ चुनावी समर्थन में है। उनके मुताबिक, पार्टी किसी एक समाज की नहीं बल्कि वोटों की राजनीति करती है। ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं।
‘जाट नेता कहां हैं?’ अखिलेश ने साधा निशाना
अखिलेश यादव ने भाजपा के साथ खड़े जाट नेताओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जो जाट नेता अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण भाजपा के साथ खड़े हैं, उनसे अब जाट समाज जवाब मांग रहा है।
उन्होंने दावा किया कि युवा जाट ऐसे नेताओं को तलाश रहे हैं और उनसे सवाल करना चाहते हैं। अखिलेश ने भाजपा के सहयोगी जाट नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर वे इस समय कहां हैं।
इस तरह लखनऊ के सदस्यता कार्यक्रम में सपा ने जहां नए लोगों को संगठन से जोड़ने का संदेश दिया, वहीं अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार के खिलाफ कई मुद्दों को राजनीतिक बहस में फिर से सामने रखा। महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा से लेकर जाट समाज और अंकित बालियान के मामले तक, उनके निशाने पर सरकार और भाजपा दोनों रहे। अब देखना होगा कि इन मुद्दों पर सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।


