BJP की नई IT टीम की कल बड़ी बैठक, चुनावी रणनीति से लेकर ‘सेवा संकल्प’ तक सोशल मीडिया पर बनेगा प्लान

BJP की नई IT टीम की कल बड़ी बैठक, चुनावी रणनीति से लेकर ‘सेवा संकल्प’ तक सोशल मीडिया पर बनेगा प्लान

भारतीय जनता पार्टी की नई IT और सोशल मीडिया टीम अब अपने डिजिटल कैंपेन को और धार देने की तैयारी में है। पार्टी ने 20 सितंबर को दिल्ली में IT और सोशल मीडिया प्रमुखों की बैठक बुलाई है। बैठक में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष पार्टी के डिजिटल विभाग से जुड़े नेताओं के साथ रणनीति पर चर्चा करेंगे। आगामी चुनावों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल से जुड़े ‘सेवा संकल्प अभियान’ को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में सोशल मीडिया की भूमिका भी बैठक के एजेंडे में रहने की बात कही गई है।

पार्टी के लिए यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब चुनावी राजनीति में सोशल मीडिया सिर्फ प्रचार का माध्यम नहीं रह गया है। नेताओं और दलों के संदेश बड़ी संख्या में मतदाताओं तक सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पहुंचते हैं। ऐसे में BJP की नई IT टीम के सामने अपनी डिजिटल मौजूदगी बढ़ाने के साथ-साथ कंटेंट की गुणवत्ता और सटीकता बनाए रखने की चुनौती भी है।

नई टीम के कामकाज पर होगा फोकस

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन की ओर से नई IT टीम गठित किए जाने के बाद पिछले करीब एक महीने में सोशल मीडिया पर BJP की गतिविधियां बढ़ी हैं। हालांकि, इसी दौरान कुछ ऐसे कंटेंट भी सामने आए, जिनको लेकर पार्टी को सार्वजनिक तौर पर आलोचना का सामना करना पड़ा और बाद में उन्हें सोशल मीडिया से हटाना पड़ा।

बैठक में इसी अनुभव की समीक्षा होने की संभावना है। मकसद यह रहेगा कि आगे कंटेंट तैयार करने और उसे प्रकाशित करने की प्रक्रिया में ऐसी गलतियां दोबारा न हों।

यानी बैठक का फोकस सिर्फ ज्यादा पोस्ट करने पर नहीं, बल्कि क्या पोस्ट किया जाए, किस तरीके से किया जाए और उसकी सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्या हो सकती है, इस पर भी रहने की बात कही जा रही है।

हटाए गए कंटेंट ने बढ़ाई सावधानी की जरूरत

पिछले एक महीने के दौरान BJP के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किए गए कुछ वीडियो और कंटेंट विवादों में आए थे। स्रोत के मुताबिक, इनमें सोनिया गांधी से जुड़ा एक वीडियो, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को थप्पड़ मारने से संबंधित वीडियो और BJP अध्यक्ष की रूस के राजदूत के साथ तस्वीर के बैकग्राउंड में पुतिन का गाना लगाए जाने वाला कंटेंट शामिल था।

इनमें से कुछ कंटेंट बाद में सोशल मीडिया से हटा दिए गए।

यही वजह है कि नई IT टीम के सामने अब एक तरफ तेज डिजिटल कम्युनिकेशन बनाए रखने की जरूरत है, तो दूसरी तरफ कंटेंट की जांच और सटीकता पर ज्यादा ध्यान देने की चुनौती भी है। पार्टी की बैठक में इस पहलू पर चर्चा होने की संभावना जताई गई है।

‘सेवा संकल्प’ और चुनावी कंटेंट पर रहेगा जोर

फिलहाल BJP के IT सेल के एजेंडे में दो प्रमुख मुद्दे बताए जा रहे हैं। पहला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल से जुड़े ‘सेवा संकल्प अभियान’ का डिजिटल प्रचार। दूसरा, आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया कंटेंट की तैयारी और उसका व्यापक प्रसार।

सूत्रों के मुताबिक, युवाओं को ध्यान में रखकर बनाए जाने वाले कंटेंट पर भी चर्चा होगी। खासकर नई पीढ़ी की प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए किस तरह का डिजिटल कंटेंट तैयार किया जाए, इस पर विचार किया जा सकता है।

पार्टी के एक नेता के मुताबिक, BJP की सोशल मीडिया टीम ने अपनी मौजूदगी और दृश्यता बढ़ाई है। अब अगला लक्ष्य सकारात्मक एंगेजमेंट को बढ़ाना है। यानी सिर्फ ज्यादा लोगों तक पोस्ट पहुंचाना ही नहीं, बल्कि लोगों की प्रतिक्रिया और बातचीत को भी रणनीति का हिस्सा बनाना है।

प्रदेशों की IT टीमें भी बैठक में होंगी शामिल

20 सितंबर की बैठक में केवल राष्ट्रीय IT टीम ही नहीं, बल्कि अलग-अलग राज्यों के IT और सोशल मीडिया प्रमुखों को भी बुलाया गया है। बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित होगी। ज्यादातर नेता दिल्ली में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे, जबकि कुछ नेता वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे।

इससे साफ है कि पार्टी डिजिटल रणनीति को सिर्फ केंद्रीय स्तर पर सीमित रखने के बजाय प्रदेशों तक एक समान दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।

आने वाले चुनावों के मद्देनजर सोशल मीडिया की भूमिका पर बैठक में विस्तृत चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही कंटेंट की गुणवत्ता, युवाओं तक पहुंच, सकारात्मक एंगेजमेंट और विवादित पोस्ट से बचने जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

कुल मिलाकर, BJP की नई IT टीम के सामने चुनौती दोहरी है। एक तरफ पार्टी के राजनीतिक और संगठनात्मक अभियानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज्यादा प्रभावी तरीके से पहुंचाना है। दूसरी तरफ तेज सोशल मीडिया कम्युनिकेशन के बीच ऐसी गलतियों से बचना है, जिनका राजनीतिक और सार्वजनिक असर पड़ सकता है। 20 सितंबर की बैठक में इसी संतुलन को लेकर आगे की रणनीति तय किए जाने की उम्मीद है।