दिल्ली में नाबालिग से गैंगरेप और हत्या पर सियासत तेज, राहुल-प्रियंका ने पुलिस से पूछा- आखिर जवाबदेही किसकी?

दिल्ली में नाबालिग से गैंगरेप और हत्या पर सियासत तेज, राहुल-प्रियंका ने पुलिस से पूछा- आखिर जवाबदेही किसकी?

दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित गैंगरेप और हत्या के मामले ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में एक 19 वर्षीय युवक समेत चार आरोपियों को पकड़ा है। इनमें तीन नाबालिग बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, मेडिकल जांच में सामूहिक बलात्कार की पुष्टि हुई है। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अलग-अलग सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए महिला सुरक्षा को लेकर सरकार और पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठाया।

मामले की जांच पुलिस कर रही है। वहीं राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब यह मुद्दा राजधानी में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया है।

राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस से पूछी जवाबदेही

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर घटना को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई और शव खुले इलाके में मिला।

राहुल गांधी ने अपने बयान में दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस उनके अधीन आती है और ऐसे में महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून का डर नहीं दिखाई देता, जबकि आम नागरिकों को पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। राहुल गांधी ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

उनका कहना था कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना देश के विकास की बात पूरी नहीं हो सकती।

प्रियंका गांधी ने भी उठाया महिला सुरक्षा का मुद्दा

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नाबालिग लड़की के साथ बेहद गंभीर अपराध हुआ और इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।

प्रियंका गांधी ने अपने बयान में हाल के दिनों में नाबालिग लड़कियों से जुड़े दूसरे मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के विकास की बातें तभी सार्थक होंगी, जब उन्हें सुरक्षा भी मिले।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में कई बार ठोस कार्रवाई की उम्मीद पूरी नहीं होती। उनके मुताबिक, महिलाओं को सुरक्षा, स्वतंत्रता और समानता देने के मामले में व्यवस्था को और गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

यह बयान कांग्रेस की ओर से आया राजनीतिक आरोप है। मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही आरोपों और जिम्मेदारियों पर अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।

चार आरोपी पकड़े गए, तीन नाबालिग

पुलिस ने इस मामले में 19 वर्षीय शिवम गणेश को गिरफ्तार किए जाने और उसके तीन नाबालिग साथियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है।

पुलिस के मुताबिक, घटना 10 सितंबर की है। इसके बाद 13 सितंबर की सुबह लड़की का शव कुशक रोड के पास एक खेत में मिला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने के बाद उन्हें पकड़ा गया।

मामले में मेडिकल रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मेडिकल जांच में सामूहिक बलात्कार की पुष्टि हुई है। अब जांच एजेंसियों के सामने घटना की पूरी कड़ी स्थापित करने और अदालत में साक्ष्य पेश करने की जिम्मेदारी है।

चूंकि मामले में तीन आरोपी नाबालिग बताए गए हैं, इसलिए उनके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया भी संबंधित किशोर न्याय व्यवस्था के तहत चलेगी।

महिला सुरक्षा पर फिर खड़ा हुआ बड़ा सवाल

दिल्ली जैसे बड़े शहर में किसी नाबालिग के साथ गंभीर अपराध की खबर सामने आने के बाद स्वाभाविक रूप से पुलिस की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। आम परिवारों के लिए यह चिंता केवल एक आपराधिक मामले तक सीमित नहीं रहती। खासकर बेटियों की सुरक्षा को लेकर ऐसे मामले लोगों के भरोसे पर सीधा असर डालते हैं।

इस मामले में फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया है और जांच आगे बढ़ रही है। इसलिए आरोपियों के खिलाफ अदालत में दोष सिद्ध होने से पहले उन्हें दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

दूसरी तरफ, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बयानों ने इस घटना को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। कांग्रेस ने इसे दिल्ली में महिला सुरक्षा की स्थिति से जोड़ते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।

अब आगे की जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं, पुलिस को इसकी जानकारी कब मिली और कार्रवाई किस क्रम में हुई। इन सवालों के जवाब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ सामने आएंगे।

फिलहाल, इस घटना ने एक बार फिर यही सवाल सामने रखा है कि राजधानी में महिलाओं और खासकर नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस व्यवस्था कितनी प्रभावी है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ जवाबदेही कैसे तय होती है।