अखलाक की जांच और गवाही तो नहीं बनी सुबोध की हत्या की वजह ? खुद सुनिए कैसे हुई हत्या

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बुलंदशहर में हुए गोकशी को लेकर बवाल और इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बवाल में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का अखलाक हत्याकांड का कनेक्शन सामने आया है। बताया जा रहा है कि गोकशी को लेकर भीड़ ने अखलाख को मौत के घाट उतारा था। जिसकी जांच सुबोध ने की थी।

फिलहाल बुलंदशहर में इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही बिसाहड़ा के अखलाक की हत्या मामले सुबोध का कनेक्शन सामने आने के बाद नया मोड़ आने की भी आशंका है।

दरअसल 27 सिंतबर 2015 को दादरी में हुए बिसाहड़ा कांड की चर्चा पूरी दुनिया में हुई थी. उस दौरान जारचा कोतवाली इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह ही थे. इस मामले में गोवंश को लेकर अफवाह फैली थी. जिसके बाद कुछ युवकों ने अखलाक व उसके बेटे की जमकर पिटाई की थी. जिसमें अखलाक की मौत हो गई थी. जबकि उसका बोटा दानिश गंभीर रूप से घायल हो गया था. इस बवाल के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी. और पूरे इलाके में शांति व्यवस्था कायम की थी.

इस हमले के संबंध में एक स्थानीय बीजेपी नेता के बेटे सहित एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. अखलाक के परिवार ने दावा किया था कि उनके रेफ्रिजरेटर से बरामद मांस ‘मटन’ था. और उन्होंने इस आरोप से इनकार किया था कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में गो हत्या पर प्रतिबंध का उल्लंघन कर बकरीद पर गोमांस खाया था. इस मामले में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह गवाही होने वाली थी. लेकिन उससे पहले ही गोमांश के बवाल में ही उनकी जान चली गई.

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इंस्पेक्टर सुबोध कुमार का घर मेरठ के पल्लवपुरम में बताया गया है. तीन साल पहले ही उनका गाजियाबाद में ट्रांसफर हुआ था. इंस्पेक्टर सुबोध कुमार तीन साल पहले परिवार के साथ मेरठ में ही रह रहे थे. इसके अलावा गौतम बुद्ध नगर, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में भी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार तैनात रह चुके थे.

बुलंदशहर के स्याना कोतवाली क्षेत्र की चिंगरावठी चौकी के जंगल में भारी मात्रा में मांस पड़ा हुआ था. जिसकी सूचना मिलने पर भारी संख्या में लोग इक्टठा हो गए. गुस्साई भीड़ ने गढ़ बुलंदशहर रोड पर चिंगरावठी गांव के पास रोड को जाम कर दिया. जाम की सूचना मिलने पर स्याना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई. इस दौरान भीड़ को हटाने का प्रयास किया. जिसको लेकर भीड़ ने उग्र रुप धारण कर लिया. और पथवार कर दिया. जिसमें सुबोध घायल हो गए.

वहीं जिस गाड़ी से सुबोध घटना स्थल पर पहुंचे थे उसके ड्राइवर ने बताया कि भीड़ के उग्र होते ही पथराव शुरू हो गया. जिसमें सुबोध घायल हो गए. जब ड्राइवर और सुबोध के हमराही ने उन्हें गाड़ी से अस्पताल पहुंचाना चाहा तो एक बार फिर भीड़ ने उनको अपने निशाने पर ले लिया. जिसके बाद ड्राइवर और हमराही अपनी जान बचाने के लिए वहां से भाग गए. लेकिन सुबोध घायल अवस्था में वही गाड़ी में पड़े रहे.

वहीं इस घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दुख जताया है. उन्होंने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और स्थानीय युवक की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है. मामले की जांच के लिए एडीजी इंटेलिजेंस एसवी शिरोडकर को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है. साथ ही जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावितों को आर्थिक सहायता भी देनी की बात कहीं. मामले में 2 दिनों में घटनास्थल से जांच कर रिपोर्ट तलब की है. साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए स्थानीय प्रशासन को शांति व्यवस्था कायम करने के निर्देश दिए है.

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