उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को निकली तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है और राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस से कुछ दिन पहले आयोजित इस यात्रा में मुख्यमंत्री के साथ बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं और स्कूली छात्र भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम के साथ बीजेपी ने 9 अगस्त से 15 अगस्त तक चलने वाले ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत भी की।
लखनऊ में तिरंगे के साथ बड़ा शक्ति प्रदर्शन
तिरंगा पदयात्रा मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग से शुरू हुई। यहां से यात्रा सिविल अस्पताल और अटल चौक होते हुए विधानभवन के सामने पहुंची। यात्रा में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इस दौरान बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ युवा, महिलाएं और स्कूली छात्र भी शामिल हुए। राजधानी में आयोजित इस कार्यक्रम को स्वतंत्रता आंदोलन और शहीदों की स्मृति से भी जोड़ा गया। 9 अगस्त को काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस होने के कारण यात्रा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काकोरी शहीद स्मारक पहुंचे और वहां शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
तिरंगा यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए गए। मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ ही दिनों बाद देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। ऐसे में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना जरूरी है।
‘हर घर तिरंगा’ पर योगी ने गिनाया बदलाव
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने का अधिकार दिया है। उनके मुताबिक, झंडा संहिता में किए गए बदलावों के बाद आम नागरिक अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज लगा सकता है।
योगी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले घर पर तिरंगा फहराने के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ता था और मामला अदालत तक जाता था। उनके अनुसार, अब देश के नागरिक अपने घरों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रीय गौरव का प्रदर्शन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि 15 अगस्त तक प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी और लोगों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत पर सख्त संदेश, युवाओं पर भी फोकस
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर भी स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि इनका अपमान किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में ‘वंदे मातरम’ की भावना को मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया। योगी के मुताबिक, देश के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने की क्षमता युवाओं में है, लेकिन इस ऊर्जा को सही दिशा और मंच मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय चुनौतियों के लिए भी तैयार होना चाहिए।
योगी ने बताया कि लखनऊ की तिरंगा यात्रा में करीब 25 हजार से 30 हजार युवाओं के शामिल होने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ बीजेपी देशभर में तिरंगा यात्रा का आयोजन कर रही है।
9 से 15 अगस्त तक क्या-क्या होगा?
बीजेपी ने 9 अगस्त से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाने का कार्यक्रम बनाया है। इसके तहत 10, 11 और 12 अगस्त को प्रदेश के मंडल स्तर पर तिरंगा यात्राएं प्रस्तावित हैं। 13 अगस्त को जिला मुख्यालयों और अन्य स्थानों पर यात्राएं आयोजित की जाएंगी।
13 से 15 अगस्त के बीच घरों, प्रतिष्ठानों, व्यापारिक संस्थानों और कार्यालयों पर तिरंगा फहराने के लिए जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा। वहीं 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तहत मौन जुलूस और संगोष्ठियां आयोजित करने की योजना है।
यानी स्वतंत्रता दिवस से पहले अगले कुछ दिन उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय ध्वज, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े कार्यक्रमों के लिहाज से काफी सक्रिय रहने वाले हैं। आम लोगों के लिए इसका सीधा मतलब यही है कि 15 अगस्त तक तिरंगा यात्राओं और जनजागरण कार्यक्रमों के जरिए स्वतंत्रता दिवस का माहौल और ज्यादा व्यापक दिखाई देगा।


