लखनऊ अग्निकांड की जांच तेज: घटनास्थल पर पहुंची SIT और फॉरेंसिक टीम, शॉर्ट सर्किट समेत हर एंगल की होगी पड़ताल

लखनऊ अग्निकांड की जांच तेज: घटनास्थल पर पहुंची SIT और फॉरेंसिक टीम, शॉर्ट सर्किट समेत हर एंगल की होगी पड़ताल

लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। 15 लोगों की जान लेने वाले इस हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने इमारत के हर हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

सोमवार को हुए इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इतनी बड़ी त्रासदी के पीछे कौन सी चूक जिम्मेदार रही।

बिल्डिंग के हर फ्लोर की हुई जांच, दस्तावेज भी खंगाले जा रहे

मंगलवार सुबह एसआईटी के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और करीब एक घंटे तक इमारत के सभी तलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अलग-अलग कोणों से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई ताकि घटनास्थल की स्थिति को विस्तार से रिकॉर्ड किया जा सके।

सूत्रों के मुताबिक टीम ने भवन से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं। यह जांच की जा रही है कि भवन निर्माण, संचालन और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच अधिकारी इमारत की संरचना और उसमें मौजूद सुरक्षा इंतजामों का भी मूल्यांकन कर रहे हैं।

एसी पैनल पर खास फोकस, शॉर्ट सर्किट की आशंका

फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई नमूने एकत्र किए हैं। विशेष रूप से एयर कंडीशनर के आउटडोर पैनलों की गहन जांच की गई। शुरुआती स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि आग की शुरुआत शॉर्ट सर्किट से हुई हो सकती है।

हालांकि अधिकारी फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि सभी नमूनों को फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा और वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी कारण की पुष्टि की जा सकेगी।

15 लोगों की मौत, 9 घायल; कार्रवाई भी शुरू

इस भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद पुलिस ने इमारत के मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं, प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लापरवाही के आरोप में चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

सात दिन में रिपोर्ट सौंपेगी SIT, मुआवजे का भी ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार शामिल हैं। टीम को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच में आग लगने के कारण, सुरक्षा नियमों के पालन की स्थिति और संभावित लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देने का ऐलान किया है।

लखनऊ अग्निकांड की जांच अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। आने वाले दिनों में फॉरेंसिक रिपोर्ट और एसआईटी की जांच से हादसे की असली वजह सामने आने की उम्मीद है।