अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। इस मामले की पड़ताल कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है। हालांकि रिपोर्ट की सामग्री को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इसमें कई महत्वपूर्ण निष्कर्षों के साथ कुछ सिफारिशें भी शामिल हैं।
राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रस्ट के अनुरोध पर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। पिछले सात दिनों से अयोध्या में चल रही जांच के बाद अब टीम ने अपनी पहली रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।
125 पन्नों की रिपोर्ट, लेकिन जांच अभी खत्म नहीं
जानकारी के अनुसार एसआईटी की यह प्रारंभिक रिपोर्ट करीब 125 पन्नों की है। टीम के प्रमुख विजय विश्वास पंत ने रिपोर्ट सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि अब तक जुटाए गए तथ्यों के आधार पर यह शुरुआती रिपोर्ट तैयार की गई है।
हालांकि उन्होंने रिपोर्ट के निष्कर्षों या किसी नाम का खुलासा करने से इनकार किया। उनका कहना था कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और कई पहलुओं की पड़ताल बाकी है। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले किसी भी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
चढ़ावे से आगे बढ़ी जांच, नए आरोप भी आए सामने
शुरुआत में जांच केवल चढ़ावे की रकम में कथित हेरफेर तक सीमित थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, नए आरोप भी सामने आते गए। अब मामला सिर्फ नकदी तक सीमित नहीं रह गया है।
सूत्रों के मुताबिक दान में मिली कीमती धातुओं के उपयोग, उनके रखरखाव और मंदिर निर्माण से जुड़े कुछ कार्यों में कथित कमीशनखोरी जैसे आरोप भी जांच के दायरे में आ गए हैं। यही वजह है कि एसआईटी की जांच का दायरा पहले से काफी बड़ा हो चुका है।
कुछ नए नाम भी जांच एजेंसियों के रडार पर
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अब ऐसे कुछ लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं जो आधिकारिक तौर पर राम जन्मभूमि परिसर के कर्मचारी नहीं हैं, लेकिन उनका संबंध ट्रस्ट से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों से बताया जा रहा है।
संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में एसआईटी ऐसे लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। फिलहाल टीम दस्तावेजों, रिकॉर्ड और वित्तीय प्रक्रियाओं की गहन जांच में जुटी हुई है।
सुरक्षा और प्रक्रिया में मिलीं कई खामियां
सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच के दौरान नोटों की गिनती, दान में प्राप्त वस्तुओं के भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई सवाल सामने आए हैं। जिन प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए था, उनमें कई स्तरों पर कमियां पाई गई हैं।
बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में इन व्यवस्थागत खामियों का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इन कमियों का फायदा उठाकर किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई।
अब दूसरी चरण की जांच पर नजर
प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद माना जा रहा है कि एसआईटी जल्द ही दोबारा अयोध्या पहुंचकर दूसरे चरण की जांच शुरू करेगी। इस चरण में नए आरोपों, दस्तावेजी साक्ष्यों और संभावित जिम्मेदार लोगों पर फोकस किया जाएगा।
फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अंतिम रिपोर्ट में क्या सामने आता है और क्या जांच किसी बड़े प्रशासनिक या वित्तीय खुलासे तक पहुंचती है।


