राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की पहली रिपोर्ट दाखिल, 125 पन्नों में दर्ज हुए अहम निष्कर्ष और सिफारिशें

राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की पहली रिपोर्ट दाखिल, 125 पन्नों में दर्ज हुए अहम निष्कर्ष और सिफारिशें

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है। हालांकि रिपोर्ट की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह रिपोर्ट करीब 125 पन्नों की है और इसमें कई महत्वपूर्ण टिप्पणियों के साथ कुछ सिफारिशें भी शामिल की गई हैं।

राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। टीम पिछले कई दिनों से अयोध्या में विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही थी। अब उसी जांच के आधार पर यह प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी गई है।

बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में अब तक जुटाए गए तथ्यों, दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर शुरुआती निष्कर्ष दर्ज किए गए हैं। साथ ही मंदिर में चढ़ावे की गिनती, रखरखाव और निगरानी व्यवस्था को लेकर कुछ सुझाव भी दिए गए हैं। हालांकि जांच एजेंसी ने अभी किसी निष्कर्ष या जिम्मेदारी तय किए जाने संबंधी जानकारी साझा नहीं की है।

सूत्रों के अनुसार एसआईटी की जांच फिलहाल खत्म नहीं हुई है। टीम अब मामले के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान सामने आए नए आरोपों और तथ्यों को भी शामिल किया जा रहा है। इसी वजह से आने वाले दिनों में एक विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।

जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती रिपोर्ट केवल अब तक उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों पर आधारित है। जैसे-जैसे नए दस्तावेज, बयान और तकनीकी जानकारी सामने आएगी, जांच का दायरा और विस्तृत हो सकता है।

राम मंदिर से जुड़े इस मामले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं। ऐसे में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक फैसले लिए जा सकते हैं।