उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कार पार्किंग और बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद तीन लोगों की हत्या तक पहुंच गया। सआदतगंज के ब्राह्मणी टोला इलाके में सोमवार दोपहर शिवाजी तिवारी, उनके बेटे सुयश और भाई शिवेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे ऋषभ शुक्ला के साथ उसकी तीन बहनों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच करीब एक महीने से तनाव चल रहा था। आरोप है कि विवाद के दौरान लाठी-डंडे चलाए गए, पत्थर फेंके गए और फिर गोलीबारी हुई। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। खास बात यह है कि मृतक सुयश की शादी 5 दिसंबर को होने वाली थी, लेकिन परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
मामूली विवाद ने लिया खूनी रूप, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
यह घटना लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के ब्राह्मणी टोला मोहल्ले की है। मृतकों की पहचान 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, उनके 30 वर्षीय बेटे सुयश और शिवाजी के भाई 55 वर्षीय शिवेंद्र तिवारी के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच कार खड़ी करने और बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनवाने को लेकर विवाद चल रहा था। यह तनाव करीब एक महीने से बना हुआ था। सोमवार को मामला अचानक बढ़ गया और गोलीबारी में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई।
शिवाजी तिवारी जून महीने में स्टेनोग्राफर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके बेटे सुयश की बाजारखाला इलाके में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान थी। वहीं, शिवेंद्र उर्फ शंभू लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में बाबू के पद पर कार्यरत थे।
परिवार के लिए यह घटना दोहरी त्रासदी बन गई। एक तरफ पिता और चाचा की हत्या हुई, तो दूसरी तरफ सुयश की जिंदगी भी खत्म हो गई। उनकी शादी 5 दिसंबर को तय थी। जिस घर में विवाह की तैयारियां होनी थीं, वहां अब शोक का माहौल है।
मंदिर से लौट रहे शिवाजी को बुलाया, फिर शुरू हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे शिवाजी तिवारी घर के सामने स्थित शिवाला मंदिर में जल चढ़ाने गए थे। आरोप है कि मंदिर से लौटते समय पड़ोसी ऋषभ शुक्ला ने उन्हें आवाज देकर बुलाया।
इसके बाद कार को मंदिर के सामने खड़ा करने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार, ऋषभ ने गाली-गलौज की और बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा नहीं बनने देने को लेकर भी नाराजगी जताई। आरोप है कि उसने शिवाजी को धक्का दिया और मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगा।
शोर सुनकर शिवाजी के भाई शिवेंद्र भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ऋषभ ने अपनी बहनों को इशारा किया और हथियार मंगवाया।
पुलिस के सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, इसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया और पत्थर फेंके। आरोप है कि इसी दौरान ऋषभ ने पहले शिवाजी तिवारी को गोली मारी। फिर शिवेंद्र को निशाना बनाया। गोली चलने की आवाज सुनकर सुयश भी मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें भी गोली मार दी गई।
तीनों गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। उन्हें अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामले में घटनाक्रम और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच जारी है।
ऋषभ की तीन बहनें गिरफ्तार, पिता और चाचा पर भी कार्रवाई
पुलिस ने शिवेंद्र तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी की शिकायत के आधार पर आठ लोगों को नामजद किया है। इनमें राजेश शुक्ला, ऋषभ शुक्ला, गिरीश शुक्ला, दिनेश शुक्ला, मुन्ना शुक्ला, दिव्या शुक्ला, प्रिया और अदिति के नाम शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी बताए जा रहे ऋषभ शुक्ला के साथ उसकी तीन बहनों—दिव्या, प्रिया और अदिति—को भी गिरफ्तार किया गया है। शिकायत में गिरीश शुक्ला और तीनों बहनों के खिलाफ भी हत्या से जुड़ा मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
आरोपी ऋषभ के पिता दिनेश शुक्ला और चाचा राजेश शुक्ला के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, ऋषभ, उसके पिता और चाचा के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मामले में किसकी क्या भूमिका रही और गोलीबारी किस परिस्थिति में हुई, इसकी जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम, इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
तीन लोगों की हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा समेत अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए, ताकि घटना के क्रम और आरोपियों की भूमिका की जांच की जा सके।
पुलिस ने घटना के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। मोहल्ले में तनाव की आशंका को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस वारदात ने एक बार फिर दिखाया है कि पड़ोस में पार्किंग या निर्माण जैसे स्थानीय विवाद समय रहते नहीं सुलझाए जाएं, तो वे गंभीर हिंसा का रूप ले सकते हैं। हालांकि, इस मामले में हत्या की वास्तविक वजह, गोलीबारी की परिस्थितियां और सभी आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता मामले के सभी पहलुओं की जांच करना और आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करना है। तीन लोगों की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जबकि सुयश की आने वाली शादी अब परिवार के लिए एक दर्दनाक याद बन गई है।


