विवेक तिवारी की हत्या के बाद ब्राह्मणों को लेकर इस तरह हो रही सियासत

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लखनऊ: एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या को किसी तरह मैनेज करने के लिए तमाम आला अफसरों ने दिन-रात एक कर दिया, लेकिन जिस तरह ब्राह्मण इस मामले में नाराज हुए और ब्राह्मण महासभा ने योगी सरकार को निशाने पर लिया, उससे सरकार के हाथ-पैर फूल गए. फिर ब्राह्मण मंत्रियों के जरिए ही पीड़ित परिवार तक सरकार पहुंची. वहीं, इस मौत को लेकर गरमाई सियासत में भी ब्राह्मणवादी व्यवस्था को आगे कर दिया गया.

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टंडन से नाराजगी, ब्राह्मण विधायकों की चिट्ठी का असर

माना जा रहा है कि ब्राह्मण मंत्रियों ब्रजेश पाठक और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को आगे करके विवेक तिवारी के परिवार को समझाने की बड़ी वजह मंत्री आशुतोष टंडन के खिलाफ गुस्से का इजहार और दो ब्राह्मण विधायकों की चिट्ठी रही. बता दें कि विवेक की हत्या के बाद आशुतोष टंडन पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे. वहां उनका जबरदस्त विरोध हुआ था. ब्राह्मणों का गुस्सा देखकर ही योगी सरकार ने कानून मंत्री ब्रजेश पाठक को भेजा और उन्होंने गुस्से को शांत करने के लिए पुलिस के तौर-तरीके पर सवाल उठाए. फिर डिप्टी सीएम और सरकार का एक और ब्राह्मण चेहरा यानी दिनेश शर्मा को एक्टिव किया गया और उन्होंने विवेक की पत्नी कल्पना और दोनों बेटियों को साथ ले जाकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई.

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बीएसपी ने भी चला ब्राह्मण कार्ड

फोटो साभार: Google

2012 में “हाथी नहीं गणेश है… ब्रह्मा, विष्णु, महेश है” का नारा देकर ब्राह्मण समेत और सवर्णों के वोट से यूपी की सत्ता में बीएसपी काबिज हुई थी. लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. 2014 और 2017 की दुर्गति को देखते हुए मायावती को फिर अगड़े याद आने लगे हैं. बीते दिनों उन्होंने गरीब सवर्णों के लिए आरक्षण की मांग की थी. अब उन्होंने विवेक की मौत पर ब्राह्मण कार्ड खेला और पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को पीड़ित परिजनों से मिलने भेजा.

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केजरीवाल ने की थी हिंदूवादी राजनीति

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बता दें कि विवेक की हत्या के बाद दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने हिंदूवादी राजनीति करते हुए ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा था कि “विवेक तिवारी तो हिंदू था? फिर उसको इन्होंने क्यों मारा? भाजपा के नेता पूरे देश में हिंदू लड़कियों का रेप करते घूमते हैं. अपनी आंखों से पर्दा हटाइए. भाजपा हिंदुओं की हितैषी नहीं है. सत्ता पाने के लिए अगर इन्हें सारे हिंदुओं का कत्ल करना पड़े तो ये दो मिनट नहीं सोचेंगे.” हालांकि, विवेक की पत्नी कल्पना ने तुरंत इस पर कहा था कि उनके पति की हत्या पर जातिवादी या संप्रदायवादी राजनीति नहीं की जानी चाहिए.

 

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ओवैसी ने की थी ठाकुरवाद की बात

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विवेक की हत्या को लेकर ब्राह्मणवादी राजनीति को किस तरह गरमाने की कोशिश की जा रही है, इसी से समझा जा सकता है कि यूपी से सुदूर हैदराबाद के सांसद और मुसलमानों की सियासत करने वाले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी ब्राह्मण शब्द न कहते हुए भी इसे कह दिया था. ओवैसी ने विवेक की मौत को लेकर योगी और मोदी सरकार पर निशाना साधा था. साथ ही ये कहा था कि “यूपी में सिर्फ ठाकुर राज चल रहा है।”

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