महान कलाकार नसीरुद्दीनशाह का ‘भारत में बच्चों को लेकर डर लगता है’ वाले बयान पर विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर शाह ने एक बार फिर से केंद्र सरकार पर हमला किया है. शाह की मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल के साथ एक वीडियो सामने आई है.
क्या कहा नसीरुद्दीन शाह ने?
इस बार नसीरुद्दीन शाह नेमानव अधिकार हैशटैग के साथ वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि आज जो लोग हक की मांग करते हैं, वो जेलों में बंद हैं. ‘कलाकार, फनकार,स्कॉलर्स, शायर सबके काम पर रोक लगाई जा रही है. पत्रकारों को भी शांत कराया जा रहा है। मज़हब के नाम पर नफरतों की दीवारें खड़ी की जा रही हैं। मासूमों का कत्ल हो रहा है. पूरे देश में नफरत और जुल्म का बेखौफ नाच चल रहा है और जो लोग इनके खिलाफ आवाज़ उठाते हैं, उनके दफ्तरों पर रेड मारी जा रही है, उनके अकाउंट सील करके उनकी आवाज़ दबाई जा रही है.
क्या ऐसे मुल्क का देखा था ख्वाब?-शाह
उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या हमारे संविधान की यही मंजिल है? क्या हमने ऐसे मुल्क का ख्वाब देखा था, जहां असहमति के लिए कोई स्थान नहीं होगा. जहां सिर्फ अमीर और ताकतवर लोगों को ही सुना जाएगा. जहां गरीब और पीड़ित लोगों का शोषण होगा?जहां कभी कानून था, वहां अब सिर्फ अंधेरा है.
गौरतलब है कि नसीरुद्दीनशाह एमनेस्टी इंटरनेशनल के एम्बेसडर हैं और कुछ दिन पहले ही एमनेस्टी के ऑफिस पर ईडी का छापा पड़ा था.
जानकारी हो कि इससे पहले नसीर ने बुलंदशहर हिंसा को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें देश में अपने बच्चों सुरक्षा को लेकर चिंता होती है.