भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को लखनऊ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन के दौरान राम मंदिर प्रकरण को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले की एसआईटी से जांच करा रही है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नितिन नवीन ने कहा कि कुछ लोग राम मंदिर प्रकरण को लेकर राजनीति कर रहे हैं, जबकि यही लोग पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए कहा कि “राहुल, अखिलेश और केजरीवाल सुन लें, हिंदू कमजोर नहीं है और न ही भ्रमित होगा।”
भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष हिंदू आस्था का सम्मान नहीं करता और जब हिंदू देवी-देवताओं का अपमान होता है तब उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने हिंदू समाज के लिए लगातार कार्य किया है, जबकि भाजपा सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राम मंदिर प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ व्यवस्था में सुधार भी किया जाएगा।
अपने संबोधन में नितिन नवीन ने कहा कि उनके पिता भी राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवक रहे और जेल गए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं का हिंदू समाज के प्रति समर्पण किसी से छिपा नहीं है।
2027 में भाजपा सरकार दोहराने का दावा
नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं में उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि शक्ति केंद्रों की मजबूती के दम पर वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। उन्होंने दावा किया कि यह जीत वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव की भी मजबूत नींव रखेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश से माफिया राज, भ्रष्टाचार और बिचौलियों की राजनीति को समाप्त किया है। पहले प्रदेश की पहचान अपराध और अव्यवस्था से होती थी, जबकि अब उत्तर प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान भी किया।



