‘छोटूराम’ के सहारे ‘जाटलैंड’ को साध गए पीएम मोदी !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाटलैंड के करीब 28 फीसदी जाट मतदाताओं को साधने की कोशिश शुरू कर दी है. इन्हीं कोशिशों के तहत वह मंगलवार को हरियाणा के रोहतक पहुंचे. मोदी ने हरियाणवी में अपने संबोधन की शुरुआत करके लोगों का दिल जीतने की कोशिश की.

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रोहतक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाटलैंड के करीब 28 फीसदी जाट मतदाताओं को साधने की कोशिश शुरू कर दी है. इन्हीं कोशिशों के तहत उन्होंने मंगलवार को हरियाणा के रोहतक में दीनबंधु सर छोटूराम की 64 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया. इसके अलावा सोनीपत में बनने जा रही रेल कोच फैक्ट्री का भी शिलान्यास किया. मोदी ने हरियाणवी में अपने संबोधन की शुरुआत करके लोगों का दिल जीतने की कोशिश की.

सर छोटूराम को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे सांपला में किसानों की आवाज, किसानों के मसीहा, रहबर-ए-आजम, दीनबंधु चौधरी छोटूरामजी की इतनी भव्य प्रतिमा का अनावरण करने का मौका मिला. इससे पहले मैं चौधरी छोटूराम जी की याद में बने संग्रहालय में भी गया था. सांपला-रोहतक के लिए सर छोटूराम जी की यह प्रतिमा पहचान बन गई है.’

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कौन हैं रहबर-ए-आजम छोटूराम

दीनबंधु सर छोटूराम को एक बड़े किसान नेता के रूप में जाना जाता है. 24 नवंबर 1881 को रोहतक के गढ़ी सांपला में जन्मे सर छोटूराम को घर में सबसे छोटे होने के कारण ये नाम मिला. वह 1916 से 1919 तक कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे. वह 1924 में कृषि मंत्री बने. 1926 तक उन्होंने इस जिम्मेदारी को संभाला. दीनबंधु सर छोटूराम को कई पुरस्कारों से भी नवाजा गया. उन्हें 1919 में राय बहादुर, 1942 में दीनबंधु और 1944 में रहबर-ए-आजम पुरस्कार मिला. उन्होंने किसानों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए जाट गजट नाम के अखबार का सहारा लिया.

सरदार पटेल से की छोटूराम की तुलना

पीएम मोदी ने कहा कि, “अक्टूबर महीने में हरियाणा की सबसे ऊंची सर छोटूरामजी की मूर्ति का अनावरण करने का मौका मिला. 31 अक्टूबर को दुनिया की सबसे ऊंची सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण करने का अवसर मिलेगा. दोनों ने किसानों लिए बहुत काम किया. बता दूं कि इस प्रतिमा का निर्माण किया है श्री राम सुतार जी ने, इन्हीं ने सरदार वल्लभ भाई पटेलजी की मूर्ति का भी निर्माण किया है. मैं हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के साथ-साथ देश के सभी जागरूक नागरिकों को बधाई देता हूं.”

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संबोधन के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा, “दीनबंधु छोटूराम जी अपने जीवन में स्वतंत्र भारत को तो नहीं देख पाए लेकिन उन्होंने आवश्यकताओं, आकांक्षाओं को बखूबी समझा था. उन्होंने हमेशा अंग्रेजों की बांटों और राज करो की नीति के खिलाफ आवाज बुलंद की. सरदाल वल्लभ भाई पटेल ने कहा था कि यदि आज सर छोटूराम जी जीवित होते तो बंटवारे के समय पंजाब की चिंता मुझे नहीं करनी पड़ती. सर छोटूराम जी संभाल लेते.”

सर छोटूराम की अनदेखी का आरोप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, “देश में बहुत से लोगों को तो यह तक नहीं पता होगा कि जो भाखड़ा बांध है वह सोच सर छोटूरामजी की ही थी. कई बार तो मुझे हैरानी होती है कि इतने महान व्यक्ति को एक दायरे में क्यों सीमित किया गया. हमारी सरकार देश का मान बढ़ाने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान करने का काम कर रही है.”

‘रेल कारखाने से युवाओं को फायदा’

पीएम मोदी ने कहा कि सर छोटूरामजी की आत्मा जहां भी होगी, यह देखकर खुश होगी कि आज के ही दिन सोनीपत में रेल कोच कारखाने का शिलान्यास हुआ है. इस कोच फैक्ट्री के बनने के बाद यात्री डिब्बों के रखरखाव के लिए डिब्बों को दूर की फैक्ट्रियों में भेजने की मजबूरी समाप्त हो जाएगी. यात्री डिब्बों की उपलब्धता बनी रहेगी. इस कोच कारखाने से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. यहां के इंजिनियरों और टेक्निशियन को कारखाने की वजह से विशेषज्ञता हासिल करने का मौका मिलेगा.

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