राहुल गांधी की SIR याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, दिल्ली प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों पर भी नजर

राहुल गांधी की SIR याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, दिल्ली प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों पर भी नजर

सुप्रीम कोर्ट में आज का दिन चुनावी प्रक्रिया और दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े कई अहम मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार, 15 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। इसके साथ ही दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती, सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंध और सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए कथित हंगामे से जुड़े मामले भी अदालत के सामने रखे जाएंगे। इन मामलों पर होने वाली सुनवाई से चुनावी प्रक्रिया और विरोध प्रदर्शन से जुड़े कानूनी सवालों पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

राहुल गांधी की SIR याचिका पर आज क्या होगा?

राहुल गांधी की याचिका मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की प्रक्रिया को चुनौती देने से जुड़ी है। यह प्रक्रिया चुनावी मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा से संबंधित है। इस मामले को लेकर राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेता 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री की ओर गए थे, ताकि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल की जा सके।

अब यह याचिका आज की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। हालांकि, सुनवाई के दौरान अदालत क्या रुख अपनाती है और याचिका पर क्या आदेश देती है, यह उसके विचार-विमर्श के बाद ही स्पष्ट होगा।

मतदाता सूची किसी भी चुनाव की बुनियादी कड़ी होती है। इसमें नाम दर्ज होने, नाम की जांच और सूची में संशोधन की प्रक्रिया का सीधा संबंध नागरिकों के मतदान के अधिकार से जुड़ता है। इसलिए SIR को लेकर उठने वाले सवाल केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम मतदाताओं के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों पर कथित पुलिस ज्यादती का मामला

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी कई याचिकाओं पर भी सुनवाई होनी है। इनमें प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों के आरोप शामिल हैं।

विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई, लोगों के अधिकारों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के तरीकों को लेकर उठने वाले सवाल इस मामले को महत्वपूर्ण बनाते हैं। अदालत के सामने रखी गई याचिकाओं में इन आरोपों से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाएगा।

हालांकि, याचिकाओं में लगाए गए आरोपों को अभी अदालत का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों की दलीलें और अदालत की टिप्पणियां ही आगे की स्थिति को स्पष्ट करेंगी।

इस मामले का महत्व इसलिए भी है क्योंकि सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा, पत्रकारों के काम करने की स्वतंत्रता और कानून के पालन जैसे मुद्दे सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े हैं।

सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियों और BNSS के प्रावधान पर भी सुनवाई

आज की सुनवाई में सार्वजनिक परिवहन पर लगाई गई पाबंदियों से जुड़े अवमानना मामले को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के एक प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी अदालत के सामने सूचीबद्ध हैं।

सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंध का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। काम पर जाने वाले कर्मचारी, छात्र, कारोबारी और दूसरे यात्री इससे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में इस तरह की पाबंदियों से जुड़े कानूनी सवालों पर अदालत का विचार करना अहम है।

वहीं, BNSS के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका में उसकी संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाया गया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में संबंधित प्रावधान का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए सुनवाई के परिणाम या संभावित कानूनी प्रभाव को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

सुप्रीम कोर्ट परिसर में कथित हंगामे का मामला भी सूचीबद्ध

12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुई भीड़ और कथित हंगामे से संबंधित याचिकाएं भी आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। इसी दिन राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेता SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल करने के सिलसिले में कोर्ट रजिस्ट्री की ओर गए थे।

इन घटनाओं से जुड़े मामलों पर अदालत का रुख आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अदालत सभी मामलों में आज ही कोई अंतिम फैसला सुनाएगी या आगे की सुनवाई के लिए निर्देश देगी।

लाइव लॉ हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी मामलों की सुनवाई गुरुवार सुबह 10:30 बजे भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ के सामने सूचीबद्ध है।

कुल मिलाकर, आज की सुनवाई में चुनावी मतदाता सूची की समीक्षा, विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई, सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियों और न्यायालय परिसर में हुई घटनाओं से जुड़े कई मुद्दे शामिल हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सुप्रीम कोर्ट इन याचिकाओं पर क्या निर्देश देता है और आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।