RBI ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, GDP 7.4% अनुमानित

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भारतीय रिजर्व बैंक ने आज एक बार फिर से रेपो रेट (नीतिगत दर) में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 6.5 परसेंट पर ही बरकरार रखा है और रिवर्स रेपो रेट भी 6.25 फीसदी पर ही बरकरार रहेगा. जून से केद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों में लगातार दो बार इजाफा किया है.

दूसरी बार कोई बदलाव नहीं

अक्टूबर में केंद्रीय बैंक ने बाजार क चौकाते हुए ब्याज दरों को यथावत रखा था.हालांकि, रुपये में गिरावट तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से मुद्रास्फीतिक दबाव के चलते उम्मीद की जा रही थी कि ब्याज दरों में इजाफा होगी.  केंद्रीय बैंक ने सोच-विचार के साथ मौद्रिक नीति को कड़ा रखने के अपने स्टैंड पर कायम दिखी.. मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने चालू वित्त वर्ष की पांचवी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में लगातार दूसरी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है.

मौद्रिक नीति समिति का फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि एमपीसी का यह फैसला मौद्रिक नीति को काफी विचार विमर्श के साथ सख्त करने के रुख के अनुरूप है. इस अवधि में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दर को 4 प्रतिशत (दो प्रितशत ऊपर या नीचे) के लक्ष्य में रखने के हमारे अनुकूल है. केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर के 7.4 परसेंट के अनुमान को भी कायम रखा है. अगले वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है. रिजर्व बैंक ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति 2.7 ले 3.2 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान है.

ये भी जानें ‘रेपो रेट’

भारतीय रिजर्व बैंक अन्य वाणिज्यिक बैंकों को जिस दर पर ऋण देता है उसे रेपो दर कहते हैं. रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई वाली मौद्रीक नीति समिति की छह सदस्यीय समिति की बैठक तीन दिसंबर से हो रही है. यह चालू वित्त वर्ष की पांचवी द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक है.

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