2027 वर्ल्ड कप से पहले BCCI का बड़ा मास्टरप्लान! साउथ अफ्रीका में टीम इंडिया खेलेगी 4 या 6 वनडे, जानिए क्यों है ये सीरीज इतनी अहम

2027 वर्ल्ड कप से पहले BCCI का बड़ा मास्टरप्लान! साउथ अफ्रीका में टीम इंडिया खेलेगी 4 या 6 वनडे, जानिए क्यों है ये सीरीज इतनी अहम

2027 वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद अब BCCI ने अगले वर्ल्ड कप की तैयारी को लेकर एक खास प्लान पर काम शुरू किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड दक्षिण अफ्रीका में वर्ल्ड कप से ठीक पहले 4 या 6 मैचों की वनडे सीरीज कराने की योजना बना रहा है। इसके लिए BCCI की दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट बोर्ड के साथ बातचीत चल रही है। अगर यह सीरीज तय होती है, तो टीम इंडिया को वर्ल्ड कप के मेजबान देश की परिस्थितियों में खुद को ढालने का महत्वपूर्ण मौका मिल सकता है।

वर्ल्ड कप 2027 दक्षिण अफ्रीका में खेला जाना है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट से पहले वहीं जाकर वनडे खेलना सिर्फ अभ्यास नहीं, बल्कि परिस्थितियों को समझने की रणनीति भी हो सकती है।

वर्ल्ड कप से पहले दक्षिण अफ्रीका में ही तैयारी क्यों?

वनडे क्रिकेट में परिस्थितियां कई बार मुकाबले का रुख बदल देती हैं। दक्षिण अफ्रीका की पिच, वहां गेंद के मूवमेंट और मैदान के हालात भारतीय परिस्थितियों से अलग हो सकते हैं। ऐसे में टूर्नामेंट से ठीक पहले वहां मैच खेलने से खिलाड़ियों को परिस्थितियों की बेहतर समझ मिल सकती है।

4 या 6 वनडे की सीरीज होने पर टीम मैनेजमेंट के पास अलग-अलग संयोजन आजमाने का भी मौका रहेगा। कौन से बल्लेबाज वहां की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, तेज गेंदबाजों का इस्तेमाल किस तरह किया जाए और किस तरह की प्लेइंग इलेवन ज्यादा प्रभावी रहेगी—इन सवालों के जवाब प्रतिस्पर्धी मैचों के दौरान मिल सकते हैं।

यही वजह है कि BCCI इस सीरीज को लेकर दक्षिण अफ्रीका बोर्ड से बातचीत कर रही है। हालांकि अभी यह प्रस्ताव बातचीत के स्तर पर है।

24 साल बाद फिर दक्षिण अफ्रीका में वर्ल्ड कप

दक्षिण अफ्रीका में लंबे अंतराल के बाद वनडे वर्ल्ड कप की वापसी होने जा रही है। इससे पहले वहां 2003 में वर्ल्ड कप आयोजित हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि उस टूर्नामेंट में भी भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार गई थी।

अब 2027 में एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका में वर्ल्ड कप होगा और भारतीय टीम के सामने वही खिताब जीतने का लक्ष्य होगा। ऐसे में टूर्नामेंट से पहले उसी देश में लंबी वनडे सीरीज खेलने की योजना टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

यह सीरीज खिलाड़ियों को सिर्फ पिच और मौसम समझने का मौका नहीं देगी, बल्कि पूरे टूर्नामेंट की रणनीति तैयार करने में भी मदद कर सकती है। खासकर तब, जब टीम को अलग-अलग मैदानों और परिस्थितियों के हिसाब से अपनी रणनीति बदलनी होगी।

विराट-रोहित के फैंस के लिए भी हो सकती है बड़ी खबर

इस प्रस्तावित सीरीज को विराट कोहली और रोहित शर्मा के प्रशंसकों की नजर से भी देखा जा रहा है। रिपोर्ट में संभावना जताई गई है कि 2027 वर्ल्ड कप दोनों खिलाड़ियों का आखिरी बड़ा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट हो सकता है। इसके बाद उनके इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की संभावना की चर्चा है।

हालांकि यह फिलहाल सिर्फ संभावना है और दोनों खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर कोई अंतिम बात नहीं कही गई है। अगर दोनों 2027 वर्ल्ड कप की टीम का हिस्सा बनते हैं और उससे पहले दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज खेलते हैं, तो फैंस को उनके प्रदर्शन को करीब से देखने के अतिरिक्त मौके मिल सकते हैं।

विराट और रोहित का अनुभव भी टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, खासकर ऐसे विश्व कप में जहां परिस्थितियों को समझना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

दक्षिण अफ्रीका में भारत का रिकॉर्ड चिंता बढ़ाता है

दक्षिण अफ्रीका की जमीन पर भारत का वनडे रिकॉर्ड बहुत मजबूत नहीं रहा है। अब तक दोनों टीमों के बीच दक्षिण अफ्रीका में खेले गए 40 वनडे मैचों में भारत को सिर्फ 12 में जीत मिली है। यह आंकड़ा बताता है कि वहां जाकर खेलना भारतीय टीम के लिए हमेशा आसान नहीं रहा है।

हालांकि हाल के वर्षों में तस्वीर कुछ बेहतर हुई है। 2023 में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को उसी की जमीन पर वनडे सीरीज में 2-1 से हराया था। इससे पहले 2017-18 में भी भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को वनडे सीरीज में 5-1 से मात दी थी।

यानी रिकॉर्ड भले ही भारत के पक्ष में नहीं है, लेकिन पिछले दो दौरों के नतीजे टीम को भरोसा जरूर देते हैं। अब BCCI की प्रस्तावित 4 या 6 मैचों की सीरीज इसी तैयारी को और मजबूत करने का मौका दे सकती है।

फिलहाल दक्षिण अफ्रीका बोर्ड के साथ बातचीत जारी है। अगर यह योजना अंतिम रूप लेती है, तो 2027 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को उसी जमीन पर पर्याप्त वनडे क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा, जहां उसे विश्व खिताब के लिए सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना होगा। 2023 की हार के बाद 2027 में लक्ष्य साफ है—इस बार तैयारी में कोई कमी न रहे।