लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कानून-व्यवस्था में सुधार के वादे के साथ सत्ता में आई थी. खुद सीएम योगी का दावा था कि उनके राज में अपराधी या तो जेल में होगा या प्रदेश छोड़कर चला जाएगा. अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस को खुली छूट भी दी गई. पुलिस ने कई अपराधी मार भी गिराए लेकिन उस पर बेगुनाहों के एनकाउंटर के भी आरोप लगे.
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आपको बताते हैं कि योगी सरकार बनने के बाद कब-कब यूपी पुलिस पर गंभीर सवाल उठे-
♦ सितंबर 2017 में नोएडा में एनकाउंटर के दौरान मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति को गोली लगी.
♦ मथुरा में 18 जनवरी 2018 को एनकाउंटर के दौरान पुलिस की गोली लगने से बच्चे की मौत.
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♦ फरवरी 2018 में शादी से लौट रहे जिम ट्रेनर को नोएडा सेक्टर-122 में पुलिसवाले ने एनकाउंटर के नाम पर गर्दन में गोली मारी.
♦ 20 सितंबर को अलीगढ़ के हरदुआगंज में पुलिस ने मीडिया को बुलाने के बाद मुस्तकीम और नौशाद का एनकाउंटर कर दिया.
♦ 28 सितंबर को लखनऊ में महिला मित्र के साथ लौट रहे एप्पल कंपनी के मैनेजर विवेक तिवारी को पुलिस ने गोली मार दी.
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♦ पूर्व आईजी एसआर दारापुरी ने फरवरी 2018 में बीबीसी से कहा था कि 90 फीसदी से ज्यादा एनकाउंटर फर्जी होते हैं
♦ फरवरी 2018 तक 1200 एनकाउंटर में 40 अपराधियों को मारने का दावा सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया था



