विवेक तिवारी केस: पुलिस ने एफआईआर में ही कर दिया ‘खेल’!

राजसत्ता एक्सप्रेस के पास मौजूद एफआईआर की कॉपी से पता चल रहा है कि पुलिस ने पूरे मामले में लीपापोती करने की कोशिश की है.

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लखनऊ: राजधानी के सबसे पॉश इलाके गोमतीनगर में शुक्रवार रात एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी को सिपाही ने गोली मार दी. सिर में गोली लगने से युवक की मौच हो गई. पूरे मामले में पुलिससस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है. राजसत्ता एक्सप्रेस के पास मौजूद एफआईआर की कॉपी से पता चल रहा है कि पुलिस ने पूरे मामले में लीपापोती करने की कोशिश की है. घटना के वक्त विवेक तिवारी के साथ मौजूद सना की तहरीर पर 302 का मुकदमा तो दर्ज हुआ है, लेकिन FIR में दर्ज शब्दों से पता चल रहा है कि पुलिस ने खेल कर दिया है.

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एफआईआर में कहीं नहीं लिखा है कि गोली किसने चलाई, जबकि चश्मदीद का साफ कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद रहे पुलिस कर्मियों ने ही गोली मारी थी. पुलिस के ढीले रवैया का पता इसी बात से चलता है कि घटना के करीब आठ घंटे बाद दोनों आरोपी सिपाहियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया.

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तिवारी की पत्नी का आरोप है कि पुलिस ने उनके पति की हत्या की है.

परिजनों ने सीएम योगी से मांगा जवाब

इस मामले में मृतक की पत्नी कल्पना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जवाब मांगा है. कल्पना ने कहा है कि हम अपने पति का अंतिम संस्कार तब तक नहीं करेंगे जब तक सीएम योगी हमारे सवालों का जवाब नहीं दे देते. कल्पना ने कहा कि, “पुलिस ने मेरे पति को मार दिया. वो जैसी भी हालत में थे उन्हें गोली क्यों मारी गई. आरटीओ से नंबर के जरिए पता करते और फिर घर आते. गोली मारने की जरूरत क्यों आई?” कल्पना का आरोप है कि पुलिस ने गोली लगने की बात उनसे छिपाई. उन्होंने कहा,” विवेक ने फोन पर बताया था कि वो सना को छोड़ने के बाद घर पहुंचेंगे. मैंने बाद में फोन किया तो एक आदमी ने उठाया जिसने कहा कि एक्सीडेंट हो गया है, लोहिया पहुंचें आप. मैं लोहिया गई तो गोली की बात नहीं बताई गई, कहा गया कि छोटा सा एक्सीडेंट था. बाद में डॉक्टर ने कहा कि उनके सिर पर चोट लगी थी जिसके बाद ब्लीडिंग बहुत हुई और उन्हें बचाया नहीं जा सका.”

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जांच के लिए एसआईटी गठित

विवेक तिवारी हत्याकांड की जांचके लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है. इस संबंध में दो आरोपी सिपाहियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है. डीजीपी ने दोनों आरोपी सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया है. मामले में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सख्‍त कार्रवाई के आदेश दिए हैं. सीएम ने डीजीपी ओपी सिंह से बात कर पूरे मामले की जांच करने और कार्रवाई करने के लिए कहा है.  बता दें कि राजधानी के गोमतीनगर इलाके में शुक्रवार देर रात पुलिस ने एक युवक विवेक तिवारी को संदिग्ध समझकर गोली मार दी थी. गंभीर रूप से घायल विवेक को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई.

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