उत्तर प्रदेश में पढ़ने वाले लाखों स्कूली विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए जरूरी खबर है। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के आयोजन को देखते हुए 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को प्रदेश के 60 जिलों में 12वीं तक के स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इस फैसले के दायरे में सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूल आएंगे। लखनऊ, गाजियाबाद, बदायूं, प्रयागराज, अलीगढ़ और कानपुर समेत कई जिलों में विद्यार्थियों को एक दिन की छुट्टी मिलेगी। हालांकि, स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को इस दौरान छुट्टी नहीं दी गई है। उन्हें अपने निर्धारित दायित्वों का पालन करना होगा। प्रशासन ने यह फैसला परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ और शहरों में बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए लिया है।
30 अक्टूबर को क्यों बंद रहेंगे स्कूल?
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की PET परीक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। उनके साथ अभिभावकों के भी परीक्षा वाले शहरों में पहुंचने की संभावना रहती है। इससे परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ और प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है।
लखनऊ में जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार पाण्डेय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, राजधानी में 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को PET परीक्षा आयोजित की जानी है। परीक्षा शहर के 45 केंद्रों पर दो पालियों में होगी। प्रत्येक पाली में करीब 20 हजार अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है।
ऐसे में स्कूलों को बंद रखने का उद्देश्य परीक्षा के दौरान व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे अपने जिले के प्रशासन या स्कूल की ओर से जारी सूचना की पुष्टि कर लें, ताकि छुट्टी और अगले कार्यदिवस को लेकर कोई भ्रम न रहे।
लखनऊ, गाजियाबाद और बदायूं समेत किन जिलों में छुट्टी?
जारी खबर के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। इनमें लखनऊ, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, गाजियाबाद, कानपुर, बरेली, लखीमपुर खीरी, औरैया, फर्रुखाबाद, उन्नाव, अलीगढ़ और प्रयागराज समेत कई जिले शामिल हैं।
यह आदेश सरकारी और निजी स्कूलों के साथ अलग-अलग बोर्ड से जुड़े विद्यालयों पर भी लागू बताया गया है। हालांकि, खबर में सभी 60 जिलों की पूरी सूची नहीं दी गई है। इसलिए जिन अभिभावकों को अपने जिले के बारे में स्पष्ट जानकारी चाहिए, उन्हें संबंधित जिला प्रशासन या जिला विद्यालय निरीक्षक के आधिकारिक आदेश को देखना चाहिए।
एक अहम बात यह भी है कि छुट्टी विद्यार्थियों के लिए घोषित की गई है। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अपने निर्धारित काम पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए इसे सभी स्कूल कर्मचारियों के लिए अवकाश नहीं समझना चाहिए।
PET परीक्षा में कितने अभ्यर्थी हुए शामिल?
PET परीक्षा उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आयोग की ओर से 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को भी परीक्षा आयोजित की जा रही है।
इससे पहले 25 अक्टूबर को लखनऊ के 45 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा हुई थी। पहली पाली में 19,152 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 14,536 उपस्थित रहे। दूसरी पाली में भी 19,152 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। खबर में दोनों पालियों की उपस्थिति दर क्रमशः 75.90 और 75.95 प्रतिशत बताई गई है।
परीक्षा में समसामयिक घटनाओं से जुड़े सवाल भी पूछे गए थे। अभ्यर्थियों के मुताबिक, भारत और थाईलैंड के बीच होने वाले मैत्री-XV सैन्य अभ्यास और विश्व जल दिवस 2026 की थीम से संबंधित प्रश्न शामिल थे।
प्रदेश स्तर पर 60 जिलों के 1,372 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित किए जाने की जानकारी भी दी गई है। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा होने के कारण प्रशासन के लिए केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखना अहम है।
गाजियाबाद में दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया अभ्यर्थी
25 अक्टूबर को आयोजित PET परीक्षा के दौरान गाजियाबाद में कथित नकल और पहचान से जुड़े मामले में एक व्यक्ति पकड़ा गया था। खबर के मुताबिक, पंजीकृत अभ्यर्थी रजनेश शर्मा की जगह दूसरी पाली में पवन शर्मा परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत के अनुसार, परीक्षा में शामिल होने के लिए पंजीकृत 11,80,434 अभ्यर्थियों में से 8,21,986 परीक्षा में उपस्थित हुए, जबकि 3,58,448 ने परीक्षा छोड़ दी। उपस्थिति का आंकड़ा 69.63 प्रतिशत बताया गया।
आयोग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से भी संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहली पाली में 14 और दूसरी पाली में सात अभ्यर्थियों को संदिग्ध चिह्नित किया गया।
फिलहाल, 30 अक्टूबर की छुट्टी का सबसे सीधा असर स्कूली विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर पड़ेगा। परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को अपने प्रवेश पत्र पर दर्ज केंद्र और पाली के अनुसार समय से पहुंचने की तैयारी करनी चाहिए। वहीं, अभिभावकों को स्कूल बंद होने की सूचना की पुष्टि संबंधित जिले के आधिकारिक आदेश से कर लेनी चाहिए।