राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड: कोर्ट में नहीं पहुंचा कोई गवाह, अब 1 सितंबर को होगी सुनवाई

राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड: कोर्ट में नहीं पहुंचा कोई गवाह, अब 1 सितंबर को होगी सुनवाई

राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड में सोमवार को बस्ती की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन गवाही के लिए कोई भी गवाह अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके चलते मामले में गवाही की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अब अगली सुनवाई 1 सितंबर 2026 को होगी।

बस्ती की विशेष सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट/एमपी-एमएलए कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। अदालत ने जिन गवाहों को गवाही के लिए बुलाया था, उनके खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद कुछ गवाह अदालत में पेश हुए और मामले में सबूतों की कार्रवाई शुरू हुई थी।

14 गवाहों के बयान दर्ज

अब तक मामले में 14 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इनमें तत्कालीन कोतवाल राजेंद्र सिंह, पीड़ित राहुल मद्धेशिया के भाई कृष्ण मुरारी मद्धेशिया, सुपुर्दगी के गवाह शिवा, पूर्व सीओ अविनाश मिश्र, संजय, शमशेर बहादुर सिंह और एसटीएफ के हेड कांस्टेबल योगेंद्र सिंह समेत अन्य गवाह शामिल हैं।

2001 में हुआ था राहुल का अपहरण

राहुल मद्धेशिया का अपहरण 6 दिसंबर 2001 को बस्ती के जयपुरवा रोडवेज तिराहे के पास हुआ था। उस समय राहुल स्कूली छात्र थे। बाद में एसटीएफ लखनऊ की टीम ने उन्हें पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के आवास से बरामद किया था।

राहुल के पिता धर्मराज मद्धेशिया की तहरीर पर बस्ती कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले के वादी धर्मराज मद्धेशिया का अब निधन हो चुका है।

अमरमणि त्रिपाठी पर क्या है स्थिति?

अदालत ने अमरमणि त्रिपाठी को इस मामले में भगोड़ा घोषित कर रखा है और उनकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी है। वहीं, अमरमणि त्रिपाठी मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में करीब 19 साल जेल में रह चुके हैं। उन्हें उम्रकैद की सजा हुई थी, जिसके बाद बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कारणों को देखते हुए उनकी रिहाई का आदेश दिया गया था।