राम मंदिर ट्रस्ट को बड़ी राहत, चढ़ावा चोरी के आरोपों पर ज्वैलर्स एसोसिएशन का यू-टर्न

राम मंदिर ट्रस्ट को बड़ी राहत, चढ़ावा चोरी के आरोपों पर ज्वैलर्स एसोसिएशन का यू-टर्न

अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे और चांदी के दान को लेकर उठे विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बड़ी राहत मिली है। इंडिया बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने ट्रस्ट पर लगाए जा रहे आरोपों से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया है कि संस्था या उसके किसी प्रतिनिधि ने ट्रस्ट पर किसी प्रकार की चोरी या गड़बड़ी का आरोप नहीं लगाया था।

आईबीजेए के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी वीडियो में कहा कि मीडिया में चल रही कई बातें भ्रामक हैं। उन्होंने बताया कि वे किसी शिकायत को लेकर मीडिया के पास नहीं गए थे, बल्कि पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया था। साथ ही उन्होंने ट्रस्ट द्वारा जारी दान की आधिकारिक रसीदें और महासचिव चंपत राय के हस्ताक्षर वाला धन्यवाद पत्र भी सार्वजनिक किया।

रस्तोगी ने बताया कि मंदिर को दान में दी गई चांदी का पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास सुरक्षित है। उन्होंने यह भी कहा कि चांदी की शिलाओं को सुरक्षा की दृष्टि से पिघलाकर सरकारी बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखा गया है। इस पूरी प्रक्रिया की जांच भी पूरी हो चुकी है और जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी आभार व्यक्त किया।

आईबीजेए ने यह भी स्पष्ट किया कि सिंधी समाज और इंडिया बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा किया गया दान अलग-अलग था। सिंधी समाज ने लगभग 200 किलोग्राम चांदी ईंटों के रूप में समर्पित की थी, जबकि आईबीजेए ने विभिन्न धार्मिक एवं कलात्मक स्वरूपों में करीब 60 किलोग्राम चांदी मंदिर को भेंट की थी। दोनों दान का अलग-अलग रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास मौजूद है।

वीडियो में आईबीजेए ने 33.644 किलोग्राम और 4.623 किलोग्राम चांदी की आधिकारिक रसीदें भी दिखाईं, जिससे दान से जुड़े रिकॉर्ड की पुष्टि हुई। एसोसिएशन का कहना है कि इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद चढ़ावे को लेकर फैले भ्रम और विवाद पर अब पूर्ण विराम लग जाना चाहिए।