राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा फैसला, आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे अयोध्या के वकील

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा फैसला, आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे अयोध्या के वकील

अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में फैजाबाद बार एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लिया है। बार एसोसिएशन की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि इस मामले में गिरफ्तार किसी भी आरोपी की पैरवी कोई अधिवक्ता नहीं करेगा। यदि कोई वकील आरोपियों की ओर से अदालत में पेश होता है, तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसकी बार एसोसिएशन की सदस्यता समाप्त करने की भी चेतावनी दी गई है।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी के लिए अधिवक्ताओं की एक विशेष टीम गठित की जाएगी। यह टीम अभियोजन पक्ष का सहयोग करेगी। साथ ही जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मांग की जाएगी कि इस मामले की पैरवी में अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।

बैठक में अधिवक्ताओं ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और विनोद राव की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। बार एसोसिएशन ने शासन को पत्र भेजकर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा जांच पूरी होने तक उन पर निगरानी रखने की मांग करने का निर्णय लिया है।

बैठक के दौरान अधिवक्ताओं में मामले को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिला। कई वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चढ़ावा चोरी की घटना से अयोध्या की छवि को नुकसान पहुंचा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ अधिवक्ताओं ने आरोपियों को कथित तौर पर गुपचुप तरीके से अदालत में पेश किए जाने पर भी नाराजगी जताई और पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।

गौरतलब है कि एसआईटी की प्रारंभिक जांच के बाद इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस के अनुसार उनके कब्जे से करीब 80 लाख रुपये की बरामदगी भी हुई है। मामले की जांच फिलहाल जारी है।