2027 मिशन पर BJP का फोकस, NDA के साथ बनी चुनावी रणनीति; ‘सिंपल फॉर्मूला’ पर होगा उम्मीदवारों का चयन

2027 मिशन पर BJP का फोकस, NDA के साथ बनी चुनावी रणनीति; ‘सिंपल फॉर्मूला’ पर होगा उम्मीदवारों का चयन

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों की अहम बैठक हुई। बैठक में चुनावी रणनीति, संगठनात्मक समन्वय और भविष्य में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा की गई।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा अपने दम पर चुनाव लड़ने में सक्षम है, लेकिन एनडीए के सभी सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर तालमेल और समन्वय के साथ गठबंधन वर्ष 2027 में फिर से सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।

2017 जैसी जीत दोहराने पर जोर

बैठक में मौजूद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार और संगठन मिलकर काम करेंगे ताकि वर्ष 2017 जैसी ऐतिहासिक जीत दोबारा हासिल की जा सके। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता विकास, सुरक्षा और सुशासन चाहती है तथा माफिया राज और परिवारवाद की राजनीति को दोबारा स्वीकार नहीं करेगी।

गौरतलब है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन ने 403 में से 325 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, 2022 के चुनाव में यह संख्या घटकर 273 रह गई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा अब संगठन और सहयोगी दलों के साथ समन्वय मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

‘सिंपल फॉर्मूला’ पर होगा उम्मीदवारों का चयन

राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने बैठक के बाद कहा कि गठबंधन का फॉर्मूला स्पष्ट है—जिस उम्मीदवार की जीत की संभावना सबसे अधिक होगी, उसी को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा, चाहे वह किसी भी सहयोगी दल से हो।

निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। सीट बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा और उन्हें सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है।

वहीं, अपना दल (सोनेलाल) के नेता आशीष पटेल ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य भाजपा और सहयोगी दलों के बीच संगठनात्मक समन्वय को और मजबूत करना था।

संगठन की मजबूती पर भाजपा का भरोसा

बैठक के दौरान भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। पार्टी का मानना है कि मजबूत कैडर, बेहतर समन्वय और साझा रणनीति के दम पर एनडीए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर सत्ता में वापसी का लक्ष्य हासिल कर सकता है।